देहरादून: देशभर में विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर जारी विवाद के बीच उत्तराखंड से एक और मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इस घटना के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई है और इसका असर विश्वविद्यालय से संबद्ध 12 संस्थानों के विद्यार्थियों पर पड़ा है।


रद्द की गई परीक्षाओं में 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स' और 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी' शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के बाद प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि करते हुए परीक्षाएं निरस्त करने का निर्णय लिया।


प्रोफेसर गिरफ्तार, व्हाट्सएप से पेपर लीक करने का आरोप

उत्तराखंड पुलिस ने मामले में विश्वविद्यालय के 40 वर्षीय प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर प्रश्नपत्र व्हाट्सएप और संस्थान के इंटरनल पोर्टल के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया।विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच में प्रथमदृष्टया पेपर सेटर द्वारा प्रश्नपत्र साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।


अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

पेपर लीक की इस घटना पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उत्तराखंड में भी पेपर लीक हो गया है और सवाल उठाया कि ऐसी घटनाएं आखिर कब रुकेंगी।


विपक्ष ने की कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए विशेष जांच दल (SIT) के गठन और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से इस्तीफे की मांग की है। उधर, विभिन्न संगठनों द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की रोकथाम और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कई विपक्षी दल और छात्र संगठन उठा रहे हैं।