DESK: गुटखा और पान मसाला खाने वालों के लिए बड़ी खबर है। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू व निकोटिन युक्त खाद्य उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसके तहत इन उत्पादों को बनाने, भंडारण करने, बांटने और बेचने पर रोक रहेगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, राज्य में इन उत्पादों पर एक साल तक प्रतिबंध रहेगा। यानी इस दौरान उत्तराखंड में ना तो गुटखा का निर्माण किया जा सकेगा और न ही इसकी बिक्री की ही होगी।
स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया फैसला
उत्तराखंड सरकार ने यह कदम तंबाकू और निकोटिन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को देखते हुए उठाया है। गुटखा और तंबाकू के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। सरकार का कहना है कि लोगों को इन हानिकारक उत्पादों से बचाना और राज्य को तंबाकू मुक्त बनाना इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने साफ किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। राज्य की सीमा में कहीं भी प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री नहीं की जा सकेगी।
सभी जिलाधिकारियों को निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने यह आदेश राज्य के सभी जिलाधिकारियों को भेज दिया है। उन्हें प्रतिबंध को तत्काल लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रति मुख्य सचिव और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भी भेजी गई है।
सरकार ने लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि उत्तराखंड को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में कदम उठाया जा सके।