पटना/लखनऊ: यूपी के कौशाम्बी में मुकेश सहनी का भव्य स्वागत किया गया। हाथ में गंगाजल लेकर निषाद समाज ने आरक्षण का संकल्प लिया। वही संजय निषाद पर हमला बोलते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि सत्ता में रहकर आरक्षण की लड़ाई लड़ने का दावा दिखावा है। उन्होंने कहा कि ‘आरक्षण नहीं तो बीजेपी को वोट नहीं’, 2027 में निषाद समाज की भूमिका निर्णायक होने का दावा किया। 


विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा के क्रम में सोमवार को कौशाम्बी पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं और निषाद समाज के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सहनी ने लोगों को हाथ में गंगाजल लेकर निषाद आरक्षण के लिए संकल्प दिलाया। इसके बाद उन्होंने समाज के लोगों से संवाद किया और पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।


कौशाम्बी में आयोजित प्रेस वार्ता में सन ऑफ मल्लाह के रूप में चर्चित मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. संजय निषाद ने सत्ता के साथ समझौता कर लिया है और निषाद आरक्षण के मुद्दे पर प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठा रहे हैं। 


सहनी ने कहा कि यदि सरकार में रहते हुए भी धरना देना पड़ रहा है, तो सत्ता में बने रहने का औचित्य क्या है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज ने लंबे समय तक आरक्षण की लड़ाई के लिए डॉ. संजय निषाद पर भरोसा किया, लेकिन आज समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।


सहनी ने दावा किया कि वर्ष 2018 से अब तक निषाद आरक्षण का मुद्दा लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक सत्ता के साथ रहने के बावजूद निषाद समाज को आरक्षण क्यों नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक समझौतों के कारण समाज के हितों से समझौता हुआ है। हालांकि ये सभी आरोप मुकेश सहनी के हैं।


उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के निषाद समाज को आरक्षण के मुद्दे पर जागरूक करना है। सहनी ने कहा कि इस बार हर जिले में निषाद समाज के बीच ‘आरक्षण नहीं तो वोट नहीं’ का संकल्प लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगाजल हाथ में लेकर लिया गया संकल्प समाज के अधिकार की लड़ाई को मजबूत करेगा।


मुकेश सहनी ने कहा कि वह पिछले कई महीनों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में निषाद समाज के लोगों से मिल रहे हैं और उनके बीच आरक्षण को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को अपनी राजनीतिक ताकत को समझना होगा और अपने मुद्दों के आधार पर राजनीतिक निर्णय लेना होगा। उन्होंने कहा कि निषाद समाज किसी व्यक्ति या दल के भरोसे अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेगा और अपने अधिकार के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा।


2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सहनी ने कहा कि वीआईपी फिलहाल इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और अलग से चुनाव लड़ने का उनका इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद विपक्ष के साथ आने का निर्णय लेते हैं तो सीट बंटवारे में निषाद समाज की पर्याप्त भागीदारी उनकी प्रमुख शर्त होगी। 


सहनी ने कहा कि जिन सीटों पर गठबंधन में सहमति बनेगी, उनमें 90 प्रतिशत सीटों पर निषाद समाज के उम्मीदवारों को मौका देने की मांग रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति पर उचित समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी जाएगी।


उन्होंने कहा कि निषाद समाज इस बार अपने अधिकार और सम्मान के मुद्दे पर एकजुट है। सहनी ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को आरक्षण के सवाल पर जागरूक करने और संकल्प अभियान को मजबूत करने का आह्वान किया।