DESK: महाराष्ट्र के उल्हासनगर में ‘लव जिहाद’ और धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हिंदू युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवक ने ‘विजय’ बनकर उससे शादी की, बाद में अपनी असली पहचान छिपाने का खुलासा हुआ। पीड़िता ने जबरन धर्म परिवर्तन, गोमांस खिलाने और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।


महाराष्ट्र के Ulhasnagar से कथित ‘लव जिहाद’ और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक 27 वर्षीय हिंदू महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी मुस्लिम पहचान छिपाकर पहले प्रेम संबंध बनाया और बाद में शादी के बाद उस पर इस्लामिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव डाला। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी इमरान शेख और उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार, गैरेज में काम करने वाले इमरान शेख ने वर्ष 2019 में महिला से दोस्ती की थी। उस समय उसने खुद को ‘विजय’ नाम से परिचित कराया था। हिंदू नाम होने के कारण महिला को उस पर कोई शक नहीं हुआ और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाद में आरोपी महिला को अपने पैतृक गांव बिहार के Bhagalpur ले गया, जहां उसने अपनी असली पहचान उजागर कर मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार निकाह कर लिया।


पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसे जबरन बुर्का और हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने से रोका गया और उस पर इस्लामिक परंपराओं का पालन करने का दबाव बनाया गया। महिला का यह भी आरोप है कि उस पर गोमांस खाने के लिए दबाव डाला गया और आरोपी अक्सर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था।


महिला ने बताया कि बच्चे के जन्म के बाद ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न और बढ़ गया। इसी दौरान उसे इमरान की दूसरी शादी के बारे में जानकारी मिली। विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि इस्लाम में एक से अधिक शादी की अनुमति है। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


Central Police Station के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शंकर अवताड़े के मुताबिक, महिला के बयान के आधार पर इमरान शेख, उसके भाइयों सलमान शेख और शाहबाज शेख सहित कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें क्रूरता, यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं आहत करना, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसी धाराएं शामिल हैं।


गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, कथित घटनाएं मार्च 2019 से लेकर अब तक बिहार और उल्हासनगर में हुईं।


इस घटना के बाद महाराष्ट्र में जबरन धर्मांतरण को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। उल्लेखनीय है कि Maharashtra विधानसभा ने हाल ही में ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक’ पारित किया है। इस कानून का उद्देश्य धोखे, दबाव या शादी के नाम पर कराए जाने वाले अवैध धर्मांतरण को रोकना है। प्रस्तावित कानून में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण कराने पर सात साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।