खुले में मांस-मछली कारोबार बैन: निगम ने चलाया सख्त अभियान, 686 दुकानों पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई Bihar News: 'अगला CM अगर नीतीश कुमार के रास्तों पर नहीं चले तो टिक नहीं पाएगा...', मांझी ने अपना अनुभव साफ-साफ बता दिया Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के 1634 अफसरों में नंबर-1 पर कौन ? नीतीश सरकार ने अधिकारियों की सिविल लिस्ट का किया प्रकाशन... Bihar DCECE 2026 : बिहार के स्टूडेंट के लिए खुशखबरी , डिप्लोमा और पैरामेडिकल समेत इन कोर्स में एडमिशन का सुनहरा मौका; आवेदन शुरू – जल्दी करें अप्लाई बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: व्यवसायी के घर को निशाना बनाकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, इलाके में दहशत BIHAR POLICE : थानेदार का फायरिंग का पुराना रिकॉर्ड, मुजफ्फरपुर के तीन थाना क्षेत्रों में कर चुका है फायरिंग; गायघाट गोलीकांड के बाद विवादों में SHO अजब प्रेम की गजब कहानी: जिगरी दोस्त की पत्नी पर आया युवक का दिल, पति ने करा दी शादी BIHAR NEWS : अचानक ब्रेक से ट्रकों की टक्कर, खलासी की मौत, चालक गंभीर Bihar Crime: चाय पी रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या: बहन की शादी में शामिल होने आया था घर, परिजनों ने सड़क किया जाम Bihar News : सम्राट मॉडल कहने पर भड़का JDU, BJP को मिला करारा जवाब - तब तो कहिएगा की मदन सहनी मॉडल? बिहार में एक ही मॉडल वो है....
13-Dec-2025 03:40 PM
By First Bihar
railway rules : भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। रोज़ाना करोड़ों लोग अपनी नौकरी, पढ़ाई, कारोबार और पारिवारिक जरूरतों के लिए ट्रेन से सफर करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को देखते हुए रेलवे ने कई नियम बनाए हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बनी रहे। इन्हीं नियमों से जुड़ी एक आम लेकिन बेहद परेशान करने वाली स्थिति है—ट्रेन का छूट जाना।
अक्सर ट्रैफिक, देर से पहुंचना, प्लेटफॉर्म बदलना या गलत जानकारी के कारण लोग समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाते और उनकी ट्रेन निकल जाती है। जैसे ही ट्रेन छूटती है, यात्री का दिमाग खराब हो जाता है और सबसे पहले मन में यही सवाल आता है कि अब क्या किया जाए? क्या टिकट का पैसा वापस मिलेगा? और क्या उसी टिकट से किसी दूसरी ट्रेन में सफर किया जा सकता है?
कई बार जल्दबाजी में यात्री गलत फैसला ले लेते हैं, जिसका नतीजा जुर्माना या कानूनी परेशानी के रूप में सामने आता है। इसलिए जरूरी है कि ट्रेन छूटने के बाद रेलवे के नियमों को सही तरह से समझ लिया जाए।
इस सवाल का सीधा और साफ जवाब है—नहीं। रेलवे नियमों के अनुसार, अगर आपकी रिजर्व टिकट वाली ट्रेन छूट गई है, तो आप उसी टिकट से किसी दूसरी ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकते। ऐसा करना अवैध माना जाता है।
अगर कोई यात्री ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे बिना टिकट या गलत टिकट पर यात्रा करने वाला माना जाएगा। ऐसे में उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
अगर आपकी ट्रेन छूट गई है और आपको उसी दिन यात्रा करनी है, तो इसके लिए एक ही वैध तरीका है। आपको नया टिकट लेना होगा। आमतौर पर यात्री जनरल कोच का टिकट लेकर दूसरी ट्रेन पकड़ने की सोचते हैं, लेकिन यहां भी कुछ जरूरी नियम लागू होते हैं।
रेलवे की हर ट्रेन में जनरल टिकट मान्य नहीं होता। उदाहरण के लिए—
वंदे भारत
राजधानी एक्सप्रेस
शताब्दी
सुपरफास्ट जैसी कुछ विशेष ट्रेनों में
जनरल टिकट से यात्रा करने की अनुमति नहीं होती। इन ट्रेनों में सिर्फ रिजर्व टिकट से ही सफर किया जा सकता है। इसलिए अगर आप जनरल टिकट लेने की सोच रहे हैं, तो पहले यह जरूर चेक कर लें कि जिस ट्रेन में आप सफर करना चाहते हैं, उसमें जनरल कोच मौजूद है या नहीं।
अगर कोई यात्री जनरल टिकट लेकर ऐसी ट्रेन में चढ़ जाता है, जिसमें जनरल कोच नहीं है, या फिर रिजर्व टिकट के बावजूद दूसरी ट्रेन में यात्रा करता है, तो टिकट चेकिंग के दौरान उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माने की राशि दूरी और ट्रेन की श्रेणी के हिसाब से काफी ज्यादा हो सकती है।
कई बार यात्रियों को अतिरिक्त किराया, पेनाल्टी और यहां तक कि ट्रेन से उतार भी दिया जाता है। इसलिए जोखिम लेने से बेहतर है कि नियमों के अनुसार ही आगे की यात्रा की योजना बनाई जाए।
अगर आपकी ट्रेन छूट गई है और आप उसी टिकट से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं, तो सबसे सुरक्षित और सही विकल्प है टिकट कैंसिल कर रिफंड लेना। इसके लिए रेलवे ने टीडीआर (TDR – Ticket Deposit Receipt) की सुविधा दी है।
अगर आपने टिकट IRCTC ऐप या वेबसाइट से बुक किया है, तो टीडीआर फाइल करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको:
IRCTC ऐप या वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा।
“Booked Tickets” या “My Tickets” के ऑप्शन में जाना होगा।
संबंधित टिकट को चुनकर “File TDR” पर क्लिक करना होगा।
ट्रेन छूटने का कारण सेलेक्ट करना होगा।
टीडीआर सबमिट करते ही प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
टीडीआर फाइल करने के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। रेलवे नियमों के अनुसार, रिफंड सीधे उसी बैंक अकाउंट या पेमेंट मोड में भेजा जाता है, जिससे टिकट बुक किया गया था। आमतौर पर रिफंड 30 से 60 दिनों के भीतर मिल जाता है।
हालांकि रिफंड की राशि टिकट के प्रकार और नियमों पर निर्भर करती है। कुछ मामलों में पूरा पैसा वापस नहीं मिलता, लेकिन फिर भी यह गलत तरीके से यात्रा करने और जुर्माना भरने से कहीं बेहतर विकल्प होता है।
ट्रेन छूट जाना भले ही एक आम समस्या हो, लेकिन इसके बाद लिया गया गलत फैसला आपको और बड़ी परेशानी में डाल सकता है। इसलिए हमेशा रेलवे के नियमों को ध्यान में रखें। छूटी हुई ट्रेन के टिकट से दूसरी ट्रेन में यात्रा करना जोखिम भरा है। बेहतर है कि या तो नया वैध टिकट लें या फिर टीडीआर फाइल कर रिफंड की प्रक्रिया अपनाएं। थोड़ी समझदारी आपको पैसे और परेशानी—दोनों से बचा सकती है।