West Bengal elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच चल रही सियासी जंग अब वोटों की गिनती की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग तक पहुंच गई है। दो चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद टीएमसी ने मतगणना में केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रम (PSU) कर्मचारियों की तैनाती पर आपत्ति जताई है। टीएमसी ने इस मुद्दे को लेकर पहले कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जहां इस पर सुनवाई जारी है।


सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि मतगणना के लिए अधिकारियों का चयन करना चुनाव आयोग का विशेषाधिकार है। अदालत ने कहा कि सुपरवाइजर और सहायक के तौर पर केंद्र या राज्य सरकार दोनों के अधिकारियों को चुना जा सकता है, इसलिए इस व्यवस्था को नियमों के खिलाफ नहीं माना जा सकता।


सुप्रीम कोर्ट की इन टिप्पणियों के बाद टीएमसी ने अपने रुख में बदलाव करते हुए चुनाव आयोग के सर्कुलर को सख्ती से लागू करने की मांग की। वहीं चुनाव आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया कि सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है। इस मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस पामिदिघंतम नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की विशेष पीठ गठित की है।


टीएमसी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में चार प्रमुख आपत्तियां उठाईं। उन्होंने कहा कि जिला चुनाव अधिकारियों (DEOs) को 13 अप्रैल को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पार्टी को इसकी जानकारी 29 अप्रैल को मिली, जिससे उसे जवाब देने का पर्याप्त समय नहीं मिला।


सिब्बल ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव आयोग को मतगणना केंद्रों पर गड़बड़ी की आशंका कैसे हुई। उन्होंने कहा कि पहले से ही केंद्र सरकार के अधिकारी माइक्रो-ऑब्जर्वर के रूप में मौजूद हैं, ऐसे में एक और केंद्र अधिकारी की आवश्यकता क्यों है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चुनाव आयोग के सर्कुलर में राज्य सरकार के अधिकारियों को शामिल करने का प्रावधान है, लेकिन इसका पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है।


सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि 4 मई को होने वाली मतगणना आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार ही होगी। आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील दामा शेषद्रि नायडू ने कहा कि मतगणना के दौरान राज्य सरकार का प्रतिनिधि मौजूद रहेगा और सभी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।