Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में हरियाणा पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार समीर ने ही मुख्य आरोपी रेहान उर्फ सुक्का की विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित से बात कराई थी. आरोप है कि रेहान को हमले के लिए ₹35 हजार और विदेश में सेटल होने का लालच दिया गया था.
टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम उनकी गाड़ी पर कई राउंड फायरिंग की गई थी. मामले में पुलिस ने पहले तीन आरोपियों रेहान, फूल सिंह और रितिक कुमार को कोटा से गिरफ्तार किया था. अब जांच आगे बढ़ने के बाद हरियाणा पुलिस की मदद से समीर को भी पकड़ा गया है. पुलिस के मुताबिक, समीर की भूमिका आरोपियों को अनिल पंडित से जोड़ने में अहम थी.
रेहान को 35 हजार रुपये और विदेश जाने का लालच
पुलिस के अनुसार, समीर ने रेहान उर्फ सुक्का की अनिल पंडित से बातचीत कराई थी. रेहान को ₹35 हजार रुपये देने और विदेश में सेटल होने का लालच दिया गया था. रितिक कुमार को भी विदेश में अच्छी नौकरी दिलाकर वहां बसाने का भरोसा दिया गया था.
पुलिस के मुताबिक, रेहान के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और चोरी का मामला दर्ज है. रेहान और फूल सिंह ने इससे पहले अमृतसर के एक व्यापारी पर फायरिंग की कोशिश भी की थी, लेकिन उस दौरान पिस्टल नहीं चल सकी थी.
मुंबई में करीब एक महीने से थे तीनों आरोपी
जांच में सामने आया है कि रेहान, फूल सिंह और रितिक करीब एक महीने से मुंबई में रह रहे थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात रितिक कुमार से कराई गई थी. पुलिस के अनुसार, रितिक को मुंबई के रास्तों की जानकारी थी, इसलिए उसे भी इस पूरे प्लान में शामिल किया गया.
पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों के खर्च के लिए अनिल पंडित विदेश से ऑनलाइन पैसे भेजता था. आरोपी किसी दुकान पर ऑनलाइन रुपये मंगवाकर वहां से नकद पैसे ले लेते थे. अनिल पंडित उनसे जग्गी ऐप के जरिए बातचीत करता था. पुलिस के अनुसार, इस ऐप पर बातचीत के लिए व्यक्ति की पहचान की जरूरत नहीं होती.
कचरा पात्र के पास मिला था हथियार
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को हथियार देने के लिए कोई व्यक्ति सीधे उनके पास नहीं आया था. उन्हें मैसेज के जरिए बताया गया था कि हथियार एक कचरा पात्र के पास रखा है और वहीं से उसे उठाना है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मुंबई में आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे.
हमले के बाद ट्रेन से भागने की थी तैयारी
18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग करने के बाद तीनों आरोपी मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में भी उनकी तस्वीरें सामने आईं. पुलिस के अनुसार, उनका प्लान पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से भागने का था और आगे नेपाल जाने की भी तैयारी थी.
हालांकि, पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोटा में ही पकड़ लिया. पुलिस ने करीब 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया. फिलहाल तीनों आरोपी कोटा में हैं और उन्हें जल्द मुंबई लाए जाने की बात कही जा रही है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी.
रैपिडो ड्राइवर होने की खबर पर कंपनी ने दी सफाई
मामले में रैपिडो का नाम सामने आने के बाद कंपनी ने भी सफाई दी है. कंपनी ने कहा कि उसे टाइगर श्रॉफ और उनकी टीम के साथ हुई घटना पर चिंता है और राहत की बात है कि टाइगर सुरक्षित हैं.
मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार, मामले से जुड़ा एक व्यक्ति रैपिडो प्लेटफॉर्म पर कैप्टन यानी ड्राइवर के तौर पर रजिस्टर्ड था. इस पर कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति 14 अक्टूबर से रैपिडो पर कैप्टन के तौर पर एक्टिव नहीं था. घटना वाले दिन उसने रैपिडो की सेवा का इस्तेमाल ड्राइवर के रूप में नहीं, बल्कि ग्राहक के तौर पर किया था.
कंपनी ने कहा कि भारत की गिग इकोनॉमी में कई लोग एक साथ अलग-अलग ऐप और प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड रहते हैं. रैपिडो के मुताबिक, घटना वाले दिन संबंधित व्यक्ति ने उसकी सेवा का इस्तेमाल ग्राहक के तौर पर किया था.
रैपिडो ने बताया कि वह इस मामले की जांच में पुलिस और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और जांच में पूरा सहयोग कर रही है. कंपनी के अनुसार, अधिकारियों की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई गई है. रैपिडो ने हिंसा और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कही है.