तमिलनाडु की राजनीति में नई पारी शुरू करने वाली मुख्यमंत्री थलपति विजय की सरकार ने अपने पहले बजट में युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय को साधने की कोशिश की है। विधानसभा में भारी हंगामे के बीच पेश किए गए इस बजट में सरकार ने कई ऐसी योजनाओं का ऐलान किया है, जिनका सीधा असर राज्य के छात्रों, नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और महिलाओं पर पड़ेगा।
बजट पेश होने के दौरान मुख्यमंत्री विजय और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन सदन में मौजूद रहे। इससे पहले उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी और बाद में रिहाई को लेकर तमिलनाडु की राजनीति काफी गर्म रही थी। इसी सियासी माहौल के बीच वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने TVK सरकार का पहला बजट पेश किया।
सरकार ने दावा किया है कि राज्य को करीब 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के दबाव से बाहर निकालने के लिए वित्तीय सुधारों पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, बजट में कल्याणकारी योजनाओं के जरिए जनता तक सीधा फायदा पहुंचाने की रणनीति अपनाई गई है।
Gen-Z और छात्रों के लिए बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री विजय सरकार ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने कॉलेज छात्रों के लिए लैपटॉप योजना शुरू करने का ऐलान किया है। ‘वेत्री मणिकणिनि थिट्टम’ योजना के तहत छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की तैयारी है। इस योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं को साइकिल देने की योजना भी शुरू की जाएगी। इसके लिए सरकार ने 277 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलेगी।वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के नाम पर सरकारी आवासीय स्कूल बनाए जाएंगे। इस योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण पर भी सरकार का फोकस है। ‘पल्ली निरावु थिट्टम’ योजना के तहत स्कूलों में बेहतर सुविधाएं विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
नशे के खिलाफ युवाओं के लिए अभियान
युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए भी बजट में विशेष अभियान की घोषणा की गई है। सरकार इसके लिए 7 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं के बीच बढ़ती नशे की समस्या को रोकना बताया गया है।
NEET परीक्षा को लेकर फिर उठाई मांग
तमिलनाडु की TVK सरकार ने एक बार फिर NEET परीक्षा का विरोध दोहराया है। सरकार ने केंद्र से NEET को खत्म करने और मेडिकल दाखिले के लिए 12वीं के अंकों के आधार वाली पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।विजय सरकार का कहना है कि NEET से ग्रामीण और गरीब छात्रों के मेडिकल शिक्षा के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
महिलाओं के लिए गोल्ड स्कीम का ऐलान
बजट में महिलाओं के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में सरकार ने शादी सहायता योजना के तहत महिला लाभार्थियों को 8 ग्राम सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी देने का ऐलान किया है।इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना भी शुरू की जाएगी। इसके लिए 560 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महिलाओं और बच्चों से जुड़ी गोल्ड असिस्टेंस योजनाओं के लिए सरकार ने कुल 1,300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा है।
मुस्लिम समुदाय के लिए हज सब्सिडी बढ़ी
TVK सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। पहली बार हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को मिलने वाली सहायता राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 35 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से हज यात्रियों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा दोहराया
बजट में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के चुनावी वादे को भी दोहराया गया है। सरकार ने इसे आम लोगों को राहत देने वाली योजना बताया है।
717 शराब दुकानों को बंद करने का ऐलान
महिलाओं और परिवारों से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राज्य में 717 शराब दुकानों को बंद करने की घोषणा की है। सरकार का दावा है कि इससे सामाजिक समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
टेंडर में ‘कट प्रथा’ खत्म करने का दावा
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय ने सरकारी टेंडरों में कथित कमीशनखोरी और ‘कट प्रथा’ पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है।
राजनीतिक संदेश देने वाला बजट
कुल मिलाकर थलपति विजय सरकार का पहला बजट युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। लैपटॉप, मुफ्त बिजली, गोल्ड स्कीम और हज सहायता जैसे फैसलों के जरिए सरकार ने अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि बजट में किए गए ये बड़े वादे जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और क्या ये योजनाएं विजय सरकार की राजनीतिक पकड़ को मजबूत कर पाती हैं।