DESK: एक खेत से अचानक सोने के गहने मिलने से मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोना मिलने के बाद अब हिस्सेदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। वही उक्त जमीन पर लीज पर लेने के लिए लोगों के बीच होड़ मच गयी है। 


मामला तेलंगाना के वारंगल जिले का है जहां एक खेत से सोने के गहने मिलने का मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोने के आभूषण मिलने के बाद न केवल हिस्सेदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया है, बल्कि अब इस खेत को लीज पर लेने के लिए भी लोगों के बीच होड़ मच गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि खेत में अभी और भी कीमती गहने या खजाना दबा हो सकता है।


हल चलाते समय मिले सोने के गहने

वारंगल जिले के चेन्नारावपेट मंडल के कोपाकुलपाडु गांव में प्रताप रेड्डी की 6 एकड़ कृषि योग्य जमीन को बालू नामक किसान लीज पर लेकर खेती कर रहा था। बताया जा रहा है कि बुआई की तैयारी के दौरान जब वह हल चला रहा था, तभी उसे खेत में सोने के कुछ गहने मिले। बताया जाता है कि सोने का गहना मिलने के बाद बालू उन्हें चुपचाप अपने घर ले गया। हालांकि, इस बात की जानकारी खेत में काम कर रहे मजदूरों को लग गई, जिसके बाद गहनों की हिस्सेदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया।


मजदूरों और किसान के बीच बढ़ा विवाद

खेत मजदूरों का दावा था कि गहनों में उनका भी हिस्सा बनता है, जबकि किसान बालू का कहना था कि खेत से मिले सभी गहनों पर केवल उसी का अधिकार है। विवाद बढ़ने पर मामला जमीन मालिक प्रताप रेड्डी तक पहुंचा। उन्होंने सभी पक्षों को समझाकर मामला शांत कराने की कोशिश की।


पूर्व मालिक ने भी ठोका दावा

बताया गया कि प्रताप रेड्डी ने यह जमीन करीब छह वर्ष पहले गांव के ही जयपाल रेड्डी से खरीदी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद जयपाल रेड्डी ने भी सोने के गहनों में अपना हिस्सा होने का दावा किया। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी और थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अब सोने के गहनों की हिस्सेदारी का विवाद पुलिस तक पहुंच गया है।


खजाने की चर्चा से बढ़ी लोगों की दिलचस्पी

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में यह खेत स्थित है, वहां कभी काकतीय शासनकाल के मंदिर हुआ करते थे। इसी कारण लोगों के बीच यह चर्चा है कि जमीन के नीचे ऐतिहासिक खजाना दबा हो सकता है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


इसी चर्चा के चलते बड़ी संख्या में किसान और अन्य लोग इस खेत को लीज पर लेने के लिए ऊंची कीमत चुकाने को तैयार हैं। गांव में यह चर्चा भी है कि यह जमीन अब अपनी उपज से ज्यादा, संभावित खजाने की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।