तेलंगाना: बच्चों की छोटी-सी लापरवाही किस तरह जानलेवा हादसे में बदल सकती है, इसका दर्दनाक उदाहरण तेलंगाना के कोमुरम भीम आसिफाबाद जिले से सामने आया है। यहां 12 वर्षीय एक छात्र ने खेल-खेल में मोबाइल की बैटरी मुंह में दबा ली। बैटरी पर दबाव पड़ते ही उसमें जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई।


बारिश के कारण घर पर था बच्चा

कोमुरम भीम जिले के चिंथलमनपल्ली मंडल स्थित गुडेम गांव निवासी निकड़ी सरदा और गणेश का 12 वर्षीय बेटा निकड़ी लोकेश स्थानीय सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था। घटना वाले दिन सुबह बारिश होने के कारण वह स्कूल नहीं गया था और घर पर ही मौजूद था।


खेल-खेल में हुई दर्दनाक घटना

दोपहर के समय जब उसके माता-पिता खेत जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी लोकेश ने घर में रखे एक कीपैड मोबाइल फोन से बैटरी निकाल ली। खेल-खेल में उसने बैटरी को मुंह में रखकर दांतों से दबा दिया। बैटरी पर दबाव पड़ते ही उसमें तेज विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि बच्चे के मुंह, गाल और जबड़े का हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए धमाके से घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन बच्चे की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे।


अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

परिजन गंभीर रूप से घायल लोकेश को तुरंत अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।


विशेषज्ञों ने दी अभिभावकों को चेतावनी

इस हादसे के बाद डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने अभिभावकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि मोबाइल, टॉर्च, चार्जिंग लाइट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम एवं रिचार्जेबल बैटरियां अत्यधिक संवेदनशील होती हैं। इन पर दबाव पड़ने, छेद होने या शॉर्ट सर्किट होने पर इनमें मौजूद रसायन तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे विस्फोट या आग लग सकती है।


विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बच्चों को कभी भी बैटरी, मोबाइल फोन, रिमोट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ अकेले न खेलने दें। पुरानी या खराब बैटरियों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक करें। यह हादसा अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए घर में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैटरियों को हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।