ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार दिवस समारोह के स्टॉल में लगे पुराने फूल को देख मंत्री ने लगाई फटकार, कहा..बेटी की शादी में फ्रेश फूल लगाएंगे और सरकारी काम में बासी खेत में काम कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई लॉज में रहकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को फ्री में गैस सिलेंडर देंगे पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद की बड़ी पहल मुजफ्फरपुर: शहीद जगवीर राय के लिए पप्पू यादव ने दिया महाधरना, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाये जाने की मांग 11 साल बाद जिंदा घर लौटी 80 वर्षीया लीलावती, मृत समझ परिवारवाले हर साल मना रहे थे पुण्यतिथि हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर मायके जा रही महिला से झपटा सोने की बाली, पकड़े जाने पर चोर ने निगला, एक्स-रे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर रह गये हैरान पटना में खेल मंत्री रक्षा खडसे ने सराहा बिहार मॉडल, देशभर में लागू होगी मैदान निर्माण योजना

Home / india / श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई

श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई

मिडिल ईस्ट संकट के असर से श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25% तक बढ़ोतरी हुई है। ईंधन के दाम 400 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गए हैं, जिससे महंगाई और परिवहन संकट गहराने की आशंका है।

22-Mar-2026 09:07 PM

By First Bihar

DESK: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर साफ नजर आने लगा है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच श्रीलंका सरकार ने ईंधन की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी और 1 मार्च के बाद तीसरी बार कीमतें बढ़ाई गई हैं।


नई दरों के अनुसार, ऑटो डीजल की कीमत 303 रुपये से बढ़कर 382 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि सुपर डीजल 353 से बढ़कर 443 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं पेट्रोल (92 ऑक्टेन) 317 से बढ़कर 398 रुपये और 95 ऑक्टेन पेट्रोल 365 से बढ़कर 455 रुपये प्रति लीटर हो गया है। केरोसिन की कीमतों में भी 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


इस बढ़ोतरी के पीछे अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई को प्रमुख कारण माना जा रहा है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। ईंधन की कीमतों में इस उछाल के बाद श्रीलंका एक बार फिर 2022 के आर्थिक संकट जैसे हालात की ओर बढ़ता नजर आ रहा है, जब देश को डिफॉल्ट घोषित करना पड़ा था और भारी जनआंदोलन के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति को इस्तीफा देना पड़ा था।


ईंधन महंगा होने से सार्वजनिक परिवहन पर भी गहरा असर पड़ा है। निजी बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि किराया नहीं बढ़ाया गया तो 90 प्रतिशत बसें सड़कों से हट सकती हैं। उन्होंने कम से कम 15 प्रतिशत किराया बढ़ाने की मांग की है, जबकि नेशनल ट्रांसपोर्ट कमीशन के अनुसार किराए में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि तय मानी जा रही है, जिसे जल्द कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।


विशेषज्ञों का अनुमान है कि ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी से महंगाई दर में 5 से 8 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि वह अभी भी पेट्रोल और डीजल पर सब्सिडी दे रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ईंधन और बिजली का उपयोग सोच-समझकर करें और जमाखोरी से बचें। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका में पेट्रोल पर प्रति लीटर 119 रुपये और डीजल पर 93 रुपये तक का टैक्स लगाया जा रहा है। विपक्ष ने इस पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि जनता को राहत देने के लिए इन करों को कम या समाप्त किया जाना चाहिए।