Smartphone Privacy Tips: आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है.बैंकिंग से लेकर शॉपिंग, सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन तक लगभग हर काम मोबाइल के जरिए ही हो रहा है.लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके फोन में मौजूद कई ऐप्स आपकी जानकारी के बिना हर वक्त आपकी लोकेशन पर नजर रख सकते हैं? यही वजह है कि कई बार आपकी निजी जानकारी कंपनियों तक पहुंच जाती है, बैटरी तेजी से खत्म होती है और मोबाइल डेटा की खपत भी बढ़ जाती है.
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर लोग ऐप इंस्टॉल करते समय बिना सोचे-समझे सभी परमिशन दे देते हैं.इसके बाद कई ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार लोकेशन डेटा इकट्ठा करते रहते हैं.यह डेटा सिर्फ नेविगेशन या मौसम की जानकारी के लिए ही इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि कई कंपनियां इसका उपयोग यूजर्स की आदतों, पसंद और गतिविधियों का विश्लेषण करने के लिए भी करती हैं.
दरअसल कुछ ऐप्स जैसे मैप्स, कैब बुकिंग और मौसम से जुड़े ऐप्स को लोकेशन की जरूरत होती है.लेकिन कई सोशल मीडिया, शॉपिंग और विज्ञापन आधारित ऐप्स भी लगातार लोकेशन एक्सेस मांगते रहते हैं.इसी डेटा के आधार पर यूजर्स को टारगेटेड विज्ञापन दिखाए जाते हैं और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को समझा जाता है.
अगर आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो इस ट्रैकिंग को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं.इसके लिए सबसे पहले फोन की Settings में जाएं और Location सेक्शन खोलें.यहां App Location Permissions के विकल्प में जाकर देख सकते हैं कि कौन-कौन से ऐप्स आपकी लोकेशन एक्सेस कर रहे हैं.जिन ऐप्स को लगातार लोकेशन की जरूरत नहीं है, उनकी परमिशन “Only While Using the App” पर सेट कर दें या पूरी तरह बंद कर दें.इसके अलावा Privacy Dashboard में जाकर यह भी देखा जा सकता है कि हाल के दिनों में किन ऐप्स ने आपकी लोकेशन का इस्तेमाल किया है.
वहीं iPhone यूजर्स को Settings में जाकर Privacy & Security सेक्शन खोलना चाहिए.इसके बाद Location Services में सभी ऐप्स की सूची दिखाई देगी.अगर किसी ऐप के सामने “Always” लिखा है तो उसे “While Using the App” या “Never” में बदला जा सकता है.आईफोन में Precise Location नाम का एक अतिरिक्त फीचर भी मिलता है.इसे बंद करने पर ऐप्स को आपकी सटीक लोकेशन की बजाय केवल अनुमानित क्षेत्र की जानकारी मिलती है.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हर कुछ महीनों में लोकेशन परमिशन की समीक्षा जरूर करनी चाहिए.नई ऐप इंस्टॉल करने या सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद यह जांचना जरूरी है कि कहीं कोई अनावश्यक ऐप लोकेशन एक्सेस तो नहीं कर रहा.अगर कोई साधारण गेम, टॉर्च ऐप या शॉपिंग ऐप बार-बार लोकेशन मांग रहा है तो उसके पीछे की वजह समझना जरूरी है.
लोकेशन ट्रैकिंग को सीमित करने का फायदा सिर्फ प्राइवेसी तक ही सीमित नहीं है.जब बैकग्राउंड में लोकेशन सर्विसेज लगातार चलती रहती हैं तो बैटरी तेजी से खत्म होती है और कुछ मामलों में मोबाइल डेटा की खपत भी बढ़ जाती है.ऐसे में अनावश्यक लोकेशन एक्सेस बंद करने से फोन की बैटरी लाइफ बेहतर हो सकती है और डेटा की बचत भी होगी.
अगर आप चाहते हैं कि आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे, स्मार्टफोन की बैटरी ज्यादा समय तक चले और कोई ऐप आपकी गतिविधियों पर बेवजह नजर न रख सके, तो आज ही अपने फोन की लोकेशन सेटिंग्स की जांच करना एक समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है.