DESK: सिक्किम के नामची जिले के सामरदुंग (झोलुंगे) स्थित एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे में अब तक 10 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। वहीं, सुरंग के भीतर करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान जारी है।


पीएम मोदी ने सीएम तामांग से की बात

हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने बचाव अभियान की समीक्षा करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।


मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और प्रभावित श्रमिकों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राहत एवं बचाव कार्यों में राज्य सरकार को हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और संवेदनशीलता के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के लिए बड़ी ताकत है।


मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा सिक्किम शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि वे खुद राहत एवं बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी संबंधित एजेंसियों को तेजी एवं सुरक्षित तरीके से अभियान पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए), सिक्किम पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पाक्योंग और सिलीगुड़ी की एनडीआरएफ टीमें सहित कई विशेषज्ञ एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों और कर्मियों के साहस, समर्पण और अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सभी टीमें लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, अभियान में तेजी लाने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं से बचने तथा प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने की अपील की।


10 शव बरामद, 7 की पहचान

अब तक बरामद 10 शवों में से सात की पहचान हो चुकी है। इनमें पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी निवासी बोलो उरांव, गोरा उरांव और बाइकेसर उरांव, पंजाब के पठानकोट निवासी यासोहल, उत्तराखंड के देहरादून निवासी विकेय रावत, असम निवासी बाबुल बोरोदलई तथा नामची जिले के कटांग निवासी लाक्पा दोर्जी तामांग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तीन शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। सभी शवों को जिला अस्पताल सिंगताम और एसटीएनएम अस्पताल भेजा गया है।


27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका

नामची जिले की कलेक्टर अनूपा टमलिंग ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर करीब 27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। हालांकि, सुरंग के अंदर की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण सही संख्या की पुष्टि अभी नहीं की जा सकी है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम सुरंग के भीतर प्रवेश कर चुकी है और बचाव अभियान जारी है। टीम के लौटने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अंदर कितने मजदूर फंसे हैं और उनकी स्थिति क्या है।


गैस रिसाव के बाद हुआ हादसा

गौरतलब है कि सोमवार दोपहर समरडोंग स्थित निर्माणाधीन सुरंग में कथित गैस रिसाव की घटना हुई थी। गैस फैलने के बाद सुरंग के अंदर काम कर रहे कई श्रमिक फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर एवं इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को मौके पर भेजा गया। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।