ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल में ‘पनोरमा स्टार 2026’ का भव्य आयोजन, बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय होंगे शामिल वैशाली में दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबने से दो बच्चियों की मौत Graduation Day Celebration: नन्हे कदमों से नई उड़ान, सपनों के आकाश की ओर पहला कदम पटना में होगा फर्स्ट बिहार-झारखंड का "आरोग्य एक्सीलेंस अवॉर्ड्स" 2026: समाज के लिए बेहतर काम करने वाले डॉक्टरों का होगा सम्मान GAYA: महाचक में रामनवमी शोभा यात्रा और शतचंडी महायज्ञ: आस्था, एकता और सेवा का अद्भुत संगम रामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक क्या खास दुआ लेकर बाबा केवल महाराज के दरबार पहुंचे मुकेश सहनी…? जानिए क्या बोले VIP प्रमुख रामनवमी जुलूस के दौरान अचानक होने लगी निशांत की सादगी की चर्चा, मंच पर खड़े सरदार जी को खुद कुर्सी पर बिठाने लगे सीएम के बेटे Bihar Crime: खेत में खड़ी बाइक से खुला राज… कुछ कदम आगे मिला युवक का शव, गला रेतकर हत्या से दहशत Bihar News: हड़ताल पर गए CO पर बड़ा प्रहार...1 अप्रैल से लागू होगी नई व्यवस्था, सरकार ने सभी DM को दिया बड़ा जिम्मा, जानें....

Home / india / SC ने पूछा राज्यों से सवाल, क्या आरक्षण की सीमा 50 फिसदी से...

SC ने पूछा राज्यों से सवाल, क्या आरक्षण की सीमा 50 फिसदी से अधिक बढ़ाई जा सकती है?

08-Mar-2021 12:53 PM

DESK : सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्या आरक्षण की सीमा 50 फिसदी से अधिक बढ़ाई जा रही है. आज मराठा आरक्षण के मामलों में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसे 15 मार्च के लिए टाल दिया गया. 

हालांकि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 15 मार्च से इस मामले पर रोजाना सुनवाई होगी. आज हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरक्षण के मासले पर सभी राज्यों को सुनना जरुरी है. इसलिए सभी राज्यों को सुनना चाहिए. 

बता दें कि 'महाराष्ट्र सरकार मराठाओं को आरक्षण देने की बात लंबे समय से करते आ रही है.  जिसके बाद 2018 में राज्य सरकार ने शिक्षा और नौकरी में 16 फीसदी आरक्षण देने के लिए एक कानून बनाया. इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा. जहां कोर्ट ने अपने एक फैसले में इसकी सीमा को कम कर दिया था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितंबर के अपने एक अंतरिम आदेश में कहा है कि साल 2020-2021 में नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के दौरान मराठा आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. तीन जजों की बेंच ने इस मामले को विचार के लिए एक बड़ी बेंच के पास भेजा है. कोर्ट ने कहा कि यह बेंच मराठा आरक्षण की वैधता पर विचार करेगी. जिसके बाद अब पांच जजों की पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है.'