सीतामढ़ी की सिद्धी और साक्षी ने कर दिया कमाल, इंटर परीक्षा टॉपर में दोनों का नाम, जिले का नाम किया रोशन चोरों का नया टारगेट: घर से गैस सिलिंडर चुरा लिया, लेकिन गहना को छुआ तक नहीं मुंगेर की खुशी पांडेय बनी इंटरमीडिएट 2026 जिला टॉपर, हासिल किए 93.60% अंक समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन बने बिहार टॉपर, विज्ञान संकाय में हासिल किए 96.2% अंक सीतामढ़ी में करंट से लाइनमैन की मौत, आक्रोशित लोगों ने JE की कर दी पिटाई छपरा की रौशनी बनी बिहार टॉपर, इंटर में 95% अंक के साथ पांचवा रैंक किया हासिल अंशु कुमारी बनीं अरवल जिला टॉपर, इंटरमीडिएट परीक्षा में लहराया सफलता का परचम मधुबनी की सृष्टि ने इंटर कॉमर्स में चौथा रैंक किया हासिल, घर में जश्न का माहौल पटना में लूट की बड़ी वारदात: कैश कलेक्शन एजेंट से 20 लाख रुपये लूटकर भागे अपराधी मुंगेर में 47 लाख रुपये की ठगी: शेयर मार्केट में दोगुना मुनाफा के लालच में बुरे फंसे रेलवे इंजीनियर
23-Mar-2026 08:54 PM
By First Bihar
DELHI: आरजेडी सांसद संजय यादव ने आज राज्यसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था शोर तो बहुत कर रही है लेकिन अंदर से खोखली है। लोगों के पास आमदनी का जरिया नहीं है, महंगाई की मार हर घर घर परिवार खा रहा है। नए नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित नहीं हो रहे है। देश आर्थिक समस्याओं की गिरफ्त में है. छोटे बड़े व्यवसायों का व्यवसाय बर्बादी के कगार पर है।
संजय यादव ने आगे कहा कि मिडिल क्लास के सामने आर्थिक चुनौतियां इससे कहीं बहुत अधिक गंभीर हैं। बाजार में सन्नाटा पसरता जा रहा है और अब तो शैंपू, साबुन बनाने वाली कंपनियां तक स्वीकार कर रही हैं कि उनके प्रोडक्ट की बिक्री में भारी गिरावट आ गई है। उपभोक्ता बाजार का ग्राफ गिरता जा रहा है। लोग आर्थिक तंगी के चलते छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कर्ज ले रहे और फिर उसे चुका नहीं पा रहे हैं. देश में लोग 10 हजार का लोन नहीं चुका पा रहे हैं. फिनटेक बारोमीटर रिपोर्ट में ये आंकड़ा सामने आया है.
राजद सांसद ने कहा कि कोई अगर दस पाच हज़ार का लोन ले लेता है तो बैंक आपका लाठी डंडा लेकर आपकी इज़्ज़त को तार-तार कर लोन की भरपाई कर लेगा। लेकिन वहीं दूसरी ओर अगर पूँजीपति 10-15 हज़ार करोड़ का लोन लेते है तो सरकार उनका लोन माफ कर देती है।
संजय यादव ने कहा कि अगर आम आदमी का एक दो EMI बाउंस हो जाये तो बैंक उस आम आदमी को खास तरीक़े से प्रताड़ित कर उसका जीना हराम कर देता है और वहीं बड़े सरकार के लाड़ले प्यारे दुलारे खास उद्योगपति करोड़ों अरबों लेकर आराम से विदेश फुर्र हो जाते हैं और बैंक उनका कुछ नहीं बिगाड़ते? आखिर क्यों? राजद सांसद ने कहा कि क्या एनडीए सरकार के सारे नियम और इनकी बहादुरी ग़रीब और कमज़ोर लोगों पर लागू होती है? हम अमीर के ख़िलाफ़ नहीं, ग़रीब के हक़ में खड़े हैं।
2014 से पहले जब हम विश्वगुरु नहीं बने थे, अमृतकाल में नहीं जी रहे थे तब बेरोज़गारी दर क्या थी और अब 2026 में बेरोज़गारी दर क्या है? 2014 में डॉलर के मुक़ाबले रुपए की क़ीमत क्या थी और अब क्या है? 10 वर्षों में रुपए की कीमतों में 35 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। संजय यादव ने पूछा कि 2014 में जब पैट्रोल-डीज़ल, गैस सिलेंडर और तेल-चीनी, दाल-सब्ज़ी की क़ीमत क्या थी और अब 2026 में क्या है? 2014 में रेल और बस किराया और स्कूल-कॉलेज की फ़ीस क्या थी और अब 2026 में क्या है?
राजद सांसद ने कहा कि एनडीए सरकार ग़रीबी, बेरोजगारी और महंगाई खत्म करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार "चींटी पर तोप चला रही हैं। बीमारी कैंसर है और ये इलाज सिरदर्द का कर रहे हैं। हमें 56” इंची सीना नहीं मजबूत रीढ़ की हड्डी चाहिए जो किसी के सामने झुके नहीं।