नई दिल्ली : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए विकसित भारत के संकल्प, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और देश की बढ़ती आर्थिक ताकत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में हर घर तिरंगा है और हर मन तिरंगा है। देश आजादी के उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए की। उन्होंने महात्मा गांधी समेत उन सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी देश तभी महान बनता है, जब वह अपने सपनों को पूरा करने का सामर्थ्य रखता है और अपने संकल्पों के साथ लगातार आगे बढ़ता है।

छोटे सपनों से आगे बढ़कर बड़े लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने वाला देश नहीं है। बड़े सपने देश की सोच का विस्तार करते हैं और बड़े संकल्प नई ऊर्जा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने आजादी के 100 साल पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित भारत बनने का संकल्प लेता है तो पूरी दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदलना स्वाभाविक है। उन्होंने देशवासियों से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्प और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

गरीबी से बाहर निकले 25 करोड़ लोग

प्रधानमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में करीब 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को अब रोकना मुश्किल है।

पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश के डिफेंस प्रोडक्शन में चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग में पांच गुना तथा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना वृद्धि हुई है। रेलवे कोच के निर्माण में 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन में 33 गुना बढ़ोतरी का दावा भी उन्होंने किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक इंटरनेट यूजर्स की संख्या चार गुना और डिजिटल ट्रांजेक्शन में करीब 100 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों और आम लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की रफ्तार भी बढ़ाई है।

नल-जल, गैस, शौचालय और आवास पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि पहले की तुलना में हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से नल से जल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। गैस कनेक्शन देने की रफ्तार छह गुना बढ़ी है। वहीं शौचालय निर्माण की गति चार गुना और गरीबों के लिए घर बनाने की गति तीन गुना हुई है। प्रधानमंत्री ने इन उपलब्धियों को भारत की बदलती तस्वीर से जोड़ते हुए कहा कि देश अब अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

आत्मनिर्भर भारत पर पीएम का जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जरूरतों और क्षमताओं के आधार पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती मिल सकती हैं, लेकिन केवल सस्ता सामान खरीदने से देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती।

पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज देश के लोगों का जुड़ाव इन अभियानों के साथ बढ़ रहा है।

सेमीकंडक्टर में भारत की नई शुरुआत

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश में सेमीकंडक्टर प्लांट की चर्चा होती रही, लेकिन लंबे समय तक इस दिशा में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। आज पूरी दुनिया में चिप का महत्व बढ़ गया है और इसके बिना आधुनिक तकनीक की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने दावा किया कि देश में तीन प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से निर्यात भी शुरू हो गया है।

एनर्जी सिक्योरिटी पर बड़ा फोकस

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा को आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी और ऐसे में एनर्जी सिक्योरिटी बेहद जरूरी है।पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने इस दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने संसद में पारित शांति एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावॉट की क्षमता का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री के पूरे संबोधन में विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आत्मनिर्भरता, स्वदेशी तकनीक, उत्पादन क्षमता, डिजिटल विकास और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष जोर दिखाई दिया। उन्होंने साफ संदेश दिया कि आज का भारत अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को मजबूत करते हुए दुनिया में नई भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है।पीएम ने कहा- 2014 से पहले 70 शहरों में पाइप से गैस भेजी जाती थी। 12 साल में हमने 700 शहरों के पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाना शुरू किया। 2014 से पहले सोलर एनर्जी की कैपेसिटी सिर्फ 2 गीगावॉट थी आज 160 गीगावॉट है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की। आज 50 लाख घरों के सोलर एनर्जी का काम तेजी से चल रहा है। इससे हजारों घरों का बिजली बिल जीरो हो गया है। लोग बिजली बेचकर कमाई कर रहे हैं।