PM CARES Fund: भारत सरकार ने दो साल के इंतजार के बाद पीएम केयर्स फंड की ऑडिट रिपोर्ट जारी कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक पीएम केयर्स फंड में कुल 8,452.06 करोड़ रुपये जमा थे. इसमें 7,846.6 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में और 605.4 करोड़ रुपये सेविंग बैंक खातों में रखे गए थे. यानी फंड की करीब 93 फीसदी रकम FD में थी.
पीएम केयर्स फंड का गठन कोरोना महामारी जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने और जरूरत के समय लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था. फंड की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, जबकि केंद्र सरकार के कई मंत्री इसके सदस्य हैं.
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में पीएम केयर्स फंड को घरेलू चंदे से करीब 479 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2023-24 में घरेलू चंदे से 681.8 करोड़ रुपये मिले थे. इस तरह एक साल में घरेलू चंदे में करीब 30 फीसदी की कमी दर्ज की गई.
विदेश से मिलने वाले चंदे में भी गिरावट
विदेश से मिलने वाले चंदे में भी कमी आई है. वित्त वर्ष 2024-25 में पीएम केयर्स फंड को विदेश से करीब 92.8 लाख रुपये मिले. वहीं 2023-24 में विदेशी चंदे के रूप में करीब 1.13 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे.
आंकड़ों पर नजर डालें तो 2020-21 में घरेलू चंदे के रूप में फंड को सबसे ज्यादा 7,184 करोड़ रुपये मिले थे. इसके बाद 2021-22 में यह राशि घटकर 1,896 करोड़ रुपये और 2022-23 में 909 करोड़ रुपये रह गई. 2024-25 में घरेलू चंदा करीब 479 करोड़ रुपये रहा.
विदेशी चंदे में भी इसी तरह गिरावट देखी गई. 2020-21 में विदेश से करीब 495 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे. 2021-22 में यह राशि घटकर करीब 40 करोड़ रुपये और 2022-23 में 2.57 करोड़ रुपये रह गई. 2024-25 में यह आंकड़ा 92.8 लाख रुपये रहा.
एक साल में फंड की राशि बढ़कर 8,452 करोड़
रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2024 तक पीएम केयर्स फंड में 7,173 करोड़ रुपये थे. एक साल बाद 31 मार्च 2025 को यह राशि बढ़कर 8,452.06 करोड़ रुपये हो गई. इसमें बड़ी हिस्सेदारी फिक्स्ड डिपॉजिट की है.
वित्त वर्ष 2024-25 में फंड से कुल 87.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया. इसमें पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना पर 87.8 लाख रुपये खर्च किए गए. जबकि 2023-24 में इस योजना पर करीब 15.37 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में फंड से करीब 15.6 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था.
कोरोना के दौरान ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर पर हुआ था खर्च
कोरोना महामारी के दौरान पीएम केयर्स फंड से अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने और वेंटिलेटर खरीदने पर भी राशि खर्च की गई थी. वित्त वर्ष 2021-22 में ऑक्सीजन प्लांट के लिए करीब 1,703 करोड़ रुपये और वेंटिलेटर के लिए करीब 835 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. उस वित्त वर्ष में फंड से कुल खर्च करीब 1,938 करोड़ रुपये बताया गया था.
सरकार पीएम केयर्स फंड को सरकारी फंड नहीं मानती है. इसी वजह से इसके लेनदेन और संचालन से जुड़ी जानकारी को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. अब जारी ऑडिट रिपोर्ट में फंड में जमा राशि, चंदे और खर्च से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं.