AI Training Jobs: एआई की दुनिया तेजी से बदल रही है. अब रोबोट्स को इंसानों की तरह काम करना सिखाने के लिए लोगों से ही डेटा लिया जा रहा है. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला सिर पर कैमरा लगाकर घर के छोटे-छोटे काम करती नजर आ रही है. इस काम के लिए उसे हर घंटे पैसे दिए जा रहे हैं.


लेकिन इस वीडियो ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है. कुछ लोग इसे भविष्य की नई नौकरी बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि इंसान खुद ही ऐसी तकनीक तैयार कर रहा है जो आने वाले समय में उनकी नौकरियां छीन सकती है.


जानकारी के मुताबिक चेन्नई की रहने वाली 25 वर्षीय नागीरेड्डी श्रीरामचंद्र इन दिनों ऐसा ही काम कर रही हैं. वह अपने घर के किचन में खाना बनाना, सब्जी काटना, सामान उठाना और रोजमर्रा के काम करती हैं, लेकिन उनका मकसद कोई सोशल मीडिया वीडियो बनाना नहीं है.


उनके सिर पर लगा स्मार्टफोन लगातार उनकी हर गतिविधि को रिकॉर्ड करता है. यह वीडियो एआई कंपनियों के लिए डेटा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, ताकि रोबोट्स को यह सिखाया जा सके कि इंसान असल जिंदगी में किस तरह काम करते हैं.


नागीरेड्डी को इस काम के बदले करीब 250 रुपये प्रति घंटे मिलते हैं. उनका कहना है कि घर के काम करने के बदले इतनी रकम मिलना अपने आप में खास अनुभव है. उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में यही तकनीक इंसानों की जिंदगी को और आसान बनाएगी.


दरअसल, रोबोट्स को सिर्फ बातचीत करना नहीं बल्कि इंसानों की तरह दुनिया को समझकर काम करना भी सिखाया जा रहा है. इसके लिए उन्हें ऐसी वीडियो फुटेज की जरूरत होती है जिसमें इंसान की नजर से चीजों को रिकॉर्ड किया गया हो.


इसी वजह से कई लोग अपने घरों, फैक्ट्रियों और दूसरी जगहों पर कैमरे और सेंसर लगाकर रोजमर्रा के काम रिकॉर्ड कर रहे हैं. इन रिकॉर्डिंग्स के जरिए एआई सिस्टम यह सीखते हैं कि बर्तन कैसे उठाना है, चीजों को कैसे पकड़ना है और अलग-अलग परिस्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया देनी है.


हालांकि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है. कई यूजर्स का कहना है कि इंसान खुद ऐसी तकनीक बनाने में मदद कर रहा है जो भविष्य में उन्हीं के काम को खत्म कर सकती है.


एक यूजर ने लिखा कि लोग आज जिस तकनीक को मजबूत कर रहे हैं, वही कल उनकी रोजी-रोटी के लिए चुनौती बन सकती है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि हर नई तकनीक के साथ कुछ पुराने काम बदलते हैं और नए अवसर भी पैदा होते हैं.


जानकारों का कहना है कि एआई और इंसानी श्रम के बीच संतुलन बनाना आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती होगी. खासकर उन करोड़ों लोगों के लिए जो रोजमर्रा के शारीरिक कामों पर निर्भर हैं.


फिलहाल एआई को ट्रेन करने का यह नया तरीका दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. सवाल यही है कि क्या यह तकनीक इंसानों की जिंदगी आसान बनाएगी या फिर आने वाले समय में इंसानों के लिए नई मुश्किलें खड़ी करेगी.