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सरकारी स्कीम में FD से ज्यादा रिटर्न, पेंशन का भी मिलता है जुगाड़, जानें क्या है बेहतरीन विकल्प

भारत में सुरक्षित निवेश की तलाश में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है, लेकिन बढ़ती महंगाई और बेहतर रिटर्न की चाहत के कारण नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) भी निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

10-Mar-2026 03:13 PM

By First Bihar

भारत में जब भी सुरक्षित निवेश की बात होती है तो सबसे पहले फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का नाम सामने आता है। लंबे समय से FD को एक भरोसेमंद निवेश विकल्प माना जाता रहा है, क्योंकि इसमें निवेश किए गए पैसे के डूबने का जोखिम लगभग नहीं के बराबर होता है। बैंक या पोस्ट ऑफिस में FD करवाकर निवेशक तय ब्याज दर के अनुसार निश्चित आय प्राप्त करते हैं।


हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में FD पर मिलने वाला ब्याज कई निवेशकों को उतना आकर्षक नहीं लगता। बढ़ती महंगाई के कारण लोग ऐसे निवेश विकल्प की तलाश में रहते हैं, जो सुरक्षित होने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न भी दे सके। यही वजह है कि कुछ लोग ज्यादा कमाई की उम्मीद में जोखिम भरे निवेश विकल्पों की ओर भी बढ़ जाते हैं।


लेकिन यह जरूरी नहीं है कि अधिक रिटर्न पाने के लिए हमेशा ज्यादा जोखिम उठाया जाए। भारत सरकार की कुछ ऐसी योजनाएं भी हैं जो सुरक्षित होने के साथ-साथ FD से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं। इन योजनाओं का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इनमें निवेश करने से भविष्य के लिए अच्छी बचत के साथ-साथ रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की व्यवस्था भी हो सकती है। ऐसी ही एक योजना है नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)।


क्या है (NPS) नेशनल पेंशन सिस्टम?

नेशनल पेंशन सिस्टम एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसे खासतौर पर लोगों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस योजना के तहत निवेशकों द्वारा जमा की गई राशि को विभिन्न वित्तीय साधनों में निवेश किया जाता है, जैसे सरकारी बॉन्ड, कॉरपोरेट बॉन्ड और शेयर बाजार।


इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि लंबी अवधि में निवेश पर बेहतर रिटर्न मिले और रिटायरमेंट तक एक मजबूत फंड तैयार हो जाए, जिससे भविष्य की आर्थिक जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकें।


कैसे मिलता है बेहतर रिटर्न?

NPS में निवेश किया गया पैसा प्रोफेशनल फंड मैनेजर द्वारा मैनेज किया जाता है। यह फंड अलग-अलग एसेट क्लास जैसे सरकारी सिक्योरिटी, बॉन्ड और इक्विटी में लगाया जाता है। इसी वजह से इस योजना में लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।


आमतौर पर NPS में औसतन करीब 8 प्रतिशत या उससे अधिक तक का रिटर्न मिल सकता है। कई मामलों में यह रिटर्न पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर भी साबित होता है। हालांकि, रिटर्न बाजार की स्थिति और निवेश की अवधि पर भी निर्भर करता है।


रिटायरमेंट के बाद पेंशन की सुविधा

NPS का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सिर्फ निवेश योजना नहीं है, बल्कि यह रिटायरमेंट के बाद पेंशन की सुविधा भी प्रदान करती है। जब निवेशक 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तब वह अपने NPS खाते से एक निश्चित हिस्सा निकाल सकता है।


इसके अलावा बची हुई राशि से नियमित पेंशन की व्यवस्था की जाती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी आय का एक स्थायी स्रोत बना रहता है। इससे बुजुर्ग अवस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलती है और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने में आसानी होती है।


टैक्स बचत का भी मिलता है लाभ

NPS में निवेश करने का एक और बड़ा फायदा टैक्स बचत है। इस योजना के तहत निवेशकों को आयकर कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसी वजह से यह योजना नौकरीपेशा लोगों और लंबी अवधि की बचत करने वाले निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।


60 के बाद भी जारी रख सकते हैं निवेश

सामान्य तौर पर NPS खाता 60 वर्ष की आयु तक चलता है, लेकिन निवेशक चाहें तो इसे 70 से 75 वर्ष की उम्र तक भी जारी रख सकते हैं। इससे निवेश की अवधि बढ़ जाती है और समय के साथ फंड का आकार भी बड़ा हो सकता है।