Newborn safety India: देशभर के सरकारी और निजी अस्पतालों में नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के अनुसार, यदि किसी भी अस्पताल से कोई नवजात शिशु गायब होता है, तो संबंधित अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को भेजे गए निर्देश में स्पष्ट किया है कि जन्म के तुरंत बाद से नवजात की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय निर्देश के बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य में पहले सामने आए बच्चा चोरी और बच्चा बदलने के मामलों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने का फैसला लिया गया है।
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सामने आया है। अदालत के निर्देशों के आधार पर गृह मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों को अस्पतालों को पूरी तरह जवाबदेह बनाने के लिए पत्र भेजा है।
नई व्यवस्था के तहत जच्चा-बच्चा वार्डों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। वार्ड में आने-जाने वाले हर बाहरी व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके अलावा, नवजात और उसकी मां के वार्ड में बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक रहेगी। सरकार का मानना है कि इन सख्त सुरक्षा उपायों से नवजात शिशुओं की चोरी, अदला-बदली और अवैध तस्करी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।