DESK: नेपाल में आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल में फ्लैश फ्लड से 95 लोगों की मौत हो गयी है, जबकि 133 भारतीय टूरिस्ट समेत 400 से अधिक लोग लापता है। बताया जाता है कि ज्यादातर लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे। इन तीर्थ यात्रियों को पर्यटकों से संपर्क टूट चुका है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच नेपाल से बाढ़ के पानी में बहकर पांच जंगली हाथियों के उत्तर प्रदेश के बहराइच पहुंचने का मामला सामने आया है।
नेपाल से बाढ़ के पानी में बहकर 5 जंगली हाथी यूपी पहुंच गये। इनमें दो हाथियों का बच्चा भी शामिल है। इस बात की सूचना मिलते ही वन विभाग और सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों की मदद से सभी हाथियों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला और सभी को यूपी के जंगल में भेज दिया। पानी में बहकर आए 5 हाथियों को देखकर हर कोई हैरान रह गया। कुछ लोगों का कहना था कि करीब सौ लोग इस त्रासदी में मर गये लेकिन ये पांच हाथी नेपाल से बहकर यूपी के बहराइच आ गये और घाघरा बैराज पहुंच गये। पांचों हाथी सही सलामत हैं, इन सभी को जंगल में छोड़ दिया गया है।
नेपाल के फ्लैश फ्लड के बाद बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश भी हाई अलर्ट पर है। पुलिसवाले लगातार अनाउंसमेंट कर रहे हैं कि सामान समेट लीजिए। CM योगी ने नेपाल सीमा से सटे महराजगंज और कुशीनगर को हार्टअलर्ट किया है। बैराज से सभी 36 गेट खोल दिए जाने से गंडक नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। रात तक दोनों जिलों में बाढ़ आने का खतरा है.
नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही
नेपाल में फ्लैश फ्लड के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 95 लोगों की मौत हुई है, जबकि 400 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 133 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें बड़ी संख्या में लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं। नेपाल में आई इस आपदा के बाद बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।
महराजगंज और कुशीनगर में बाढ़ का खतरा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल सीमा से सटे महराजगंज और कुशीनगर जिलों में हाई अलर्ट के निर्देश दिए हैं। गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में रात तक दोनों जिलों के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा जताया जा रहा है।
दोनों जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। गांवों में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। पुलिस की ओर से लगातार माइकिंग कर लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की अपील की जा रही है।
महराजगंज के तीन गांवों में बाढ़ का खतरा
महराजगंज जिले के सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा गांवों में बाढ़ का खतरा बताया जा रहा है। इन तीनों गांवों की कुल आबादी करीब 15 हजार है। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: महराजगंज हेल्पलाइन: 05523-222162, 9628819145, 9621333537 वहीं, कुशीनगर जिले में करीब 50 हजार लोगों के संभावित रूप से प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है..