Nepal Flood: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बीच नेपाल-चीन सीमा के पास तिब्बत की ओर एक कृत्रिम झील के टूटने की खबर सामने आई है। इसके बाद नेपाल पुलिस ने अलर्ट जारी करते हुए निचले और नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त हिदायत दी है।
नेपाल पुलिस के अनुसार, चीन के जिरोंग सीमा पार ऊपरी इलाके में बनी झील का पानी छलकने और बांध टूटने से तेज जलप्रवाह नीचे की ओर बढ़ रहा है। इससे नेपाल के निचले नदी तटीय क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और जलप्रलय का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
रसुवा में तैनात पुलिस वरिष्ठ अधीक्षक दीप शमशेर जबरा ने बताया कि बांध टूटने की सूचना मिलते ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों और बचाव दलों को राहत एवं बचाव कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों और बचाव टीमों को भी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि नेपाल में हाल ही में हुए एक बड़े भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित हो गया था। इसके चलते पानी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था। अब झील टूटने के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे सभी गांवों, बस्तियों और संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
इससे पहले मध्य नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 469 हो गई। आपदा के तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी रहा तथा कई और शव बरामद किए गए।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक आठ जिलों से शव बरामद हुए हैं। इनमें चितवन से 178, नवलपरासी पूर्व से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37 और धादिंग से 33 शव शामिल हैं। वहीं तनाहू से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं।
प्रभावित इलाकों से अब तक 1,545 घायलों और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। नेपाल पुलिस के बयान के अनुसार, राहत और बचाव अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं, जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं।