Nepal New Rule: भारत-नेपाल सीमा से आने-जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. नेपाल सरकार ने भंसार नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए बिना शुल्क सामान ले जाने की सीमा बढ़ा दी है. अब सीमा पार करने वाले लोग 500 नेपाली रुपये तक की निजी उपयोग की वस्तुएं बिना किसी भंसार शुल्क के नेपाल ले जा सकेंगे. इससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों, छोटे व्यापारियों, किसानों और मजदूरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.


जानकारी के अनुसार, पहले नेपाल में 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार शुल्क लागू था. इस नियम को लेकर सीमा क्षेत्रों में लगातार विरोध हो रहा था. लोगों का कहना था कि इतनी कम सीमा के कारण रोजमर्रा की खरीदारी करने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मामला नेपाल की संसद तक पहुंचा और व्यापक विरोध के बाद सरकार ने नियम में संशोधन करने का फैसला लिया.


नेपाल के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, अब स्थल मार्ग से सीमा पार करने वाले यात्री 500 नेपाली रुपये तक मूल्य की निजी उपयोग की वस्तुएं बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नेपाल ले जा सकेंगे. यह नया आदेश लागू भी कर दिया गया है.


नई व्यवस्था लागू होने के बाद सीमा क्षेत्र के लोगों को छोटी-छोटी खरीदारी के लिए भंसार शुल्क की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. इससे सीमा पर होने वाली औपचारिकताओं में कमी आएगी और अक्सर होने वाले विवाद भी कम होंगे. व्यापारियों का मानना है कि इस फैसले से सीमावर्ती बाजारों में कारोबार बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.


नेपाल सरकार ने छात्रों को पहले से मिल रही राहत भी जारी रखी है. भारत में पढ़ाई करने वाले नेपाली छात्र अपने उपयोग के लिए लैपटॉप और टैबलेट बिना अतिरिक्त शुल्क के नेपाल ले जा सकेंगे. इससे छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं ले जाने में आसानी होगी.


नेपाल मायागंज छोटी भंसार सेवा के अधिकारियों ने भी नई व्यवस्था की पुष्टि करते हुए बताया कि अब 100 नेपाली रुपये की जगह 500 नेपाली रुपये तक के सामान पर शुल्क में छूट का प्रावधान लागू कर दिया गया है. सीमा पर तैनात अधिकारी जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार इस नियम का पालन कराएंगे.


हालांकि नेपाल सरकार के इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यह राहत अभी भी पर्याप्त नहीं है. उनका तर्क है कि 500 नेपाली रुपये भारतीय मुद्रा में लगभग 312 रुपये के बराबर होते हैं, जो आज के समय में काफी कम राशि है. लोगों का मानना है कि दैनिक जरूरतों और छोटे व्यापार को देखते हुए छूट की सीमा और बढ़ाई जानी चाहिए.