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26-May-2023 03:21 PM
By First Bihar
DELHI: नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर देश में मचे सियासी समासान के बीच शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से करवाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को सख्त लहजे में चेताया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा है कि अगर उसने ऐसी याचिका फिर से लगाई तो कोर्ट उसके ऊपर जुर्माना लगाएगा।
दरअसल, 28 मई को देश के नए संसद भवन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करने वाले हैं। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई, जिसमें नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराने की मांग की गई। याचिका में कहा गया कि लोकसभा सचिवालय ने उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं करके संविधान का उल्लंघन किया है। अधिवक्ता जया सुकिन ने सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर जनहित याचिका दायर की।
शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि हमें पता है कि यह याचिका क्यों दाखिल की गई है। कोर्ट ने पूछा कि आखिर इस याचिका से किसका भला होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि ऐसी याचिका पर सुनवाई करना हमारा काम नहीं है और याचिका का खारिज कर दिया। इस दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर फिर से ऐसी याचिका दाखिल की तो जुर्माना लगाया जाएगा।
बता दें कि 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर देश का सियासी पारा गरम हो गया है। 21 विपक्षी दलों ने नए संसद भवन का प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन करने पर विरोध जताया है और उद्घाटन समारोह का बहिष्कार कर दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि बिना राष्पति के प्रधानमंत्री द्वारा संसद भवन का उद्घाटन करना राष्ट्रपति और संविधान दोनों का अपमान है।