ब्रेकिंग न्यूज़

Sleeper bus Bihar : बिहार में स्लीपर बसों पर सख्ती: अवैध मॉडिफिकेशन पर परमिट रद्द, फायर सेफ्टी और AI अलर्ट अनिवार्य Bihar Best College : एक-दो नहीं, 13 स्टूडेंट्स को Google से जॉब ऑफर, बिहार के इस कॉलेज से मिल रहा धमाकेदार प्लेसमेंट Darbhanga Queen : दरभंगा की महारानी कामसुंदरी देवी का निधन, मिथिला में शोक की लहर UPSC success story अंकुर त्रिपाठी-कृतिका मिश्रा बने IAS 'पॉवर कपल', जानिए महाकुंभ में कैसे लगी मोहब्बत की डुबकी? Bhojpuri Cinema : पवन सिंह का खेसारी लाल यादव पर बड़ा बयान: बोले- इस जीवन में मुलाकात न हो, वायरल बर्थडे वीडियो पर ट्रेंडिंग स्टार ने उड़ाया था मजाक murder in Patna : पटना में महिला का शव बरामद, गोली लगने से मौत की आशंका; इलाके में सनसनी Vande Bharat sleeper fare : कितना होगा वंदे भारत स्लीपर का किराया? नोट कर लें यात्री, RAC टिकट की सुविधा नहीं मिलेगी National Youth Day : युवा दिवस विशेष: स्वामी विवेकानंद से जुड़ी 10 अनसुनी बातें, जो आज के युवाओं को देती हैं नई दिशा Bihar industrialists : बिहार के प्रमुख उद्योगपति: जिनकी मेहनत ने प्रदेश को दिलाई राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान PM Modi Office : साउथ ब्लॉक छोड़ 'सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स' में शिफ्ट होगा प्रधानमंत्री कार्यालय, 14 जनवरी से नए दफ्तर की संभावना

National Youth Day : युवा दिवस विशेष: स्वामी विवेकानंद से जुड़ी 10 अनसुनी बातें, जो आज के युवाओं को देती हैं नई दिशा

12 जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद को समर्पित है। उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं।

National Youth Day : युवा दिवस विशेष: स्वामी विवेकानंद से जुड़ी 10 अनसुनी बातें, जो आज के युवाओं को देती हैं नई दिशा

12-Jan-2026 07:54 AM

By First Bihar

National Youth Day : हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के युवाओं को ऊर्जा, आत्मविश्वास और उद्देश्य देने वाले महापुरुष स्वामी विवेकानंद की स्मृति का प्रतीक है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सौ साल पहले थे। आमतौर पर लोग उनके प्रसिद्ध कथनों और शिकागो भाषण को जानते हैं, लेकिन उनके जीवन से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो कम ही लोगों को पता हैं। युवा दिवस के अवसर पर आइए जानते हैं स्वामी विवेकानंद से जुड़ी 10 अनसुनी और प्रेरक बातें, जो आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक बन सकती हैं।


1. बचपन से ही असाधारण स्मरण शक्ति

स्वामी विवेकानंद का बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उनकी स्मरण शक्ति इतनी तेज थी कि एक बार पढ़ी गई चीज़ उन्हें लंबे समय तक याद रहती थी। यही कारण था कि वे कम उम्र में ही वेद, उपनिषद और दर्शन में गहरी पकड़ बना पाए।


2. तर्क और प्रश्न करने की आदत

वे किसी भी बात को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं करते थे। चाहे वह धर्म हो या समाज, वे हर विषय पर तर्क करते थे। यही गुण उन्हें एक साधारण संत से अलग करता है और युवाओं को वैज्ञानिक सोच अपनाने की प्रेरणा देता है।


3. रामकृष्ण परमहंस को भी परख लिया था

बहुत कम लोग जानते हैं कि नरेंद्रनाथ ने रामकृष्ण परमहंस से पहली मुलाकात में उनसे सीधा सवाल किया था—“क्या आपने ईश्वर को देखा है?” यह सवाल उनके साहस और सत्य की खोज को दर्शाता है।


4. संन्यास से पहले गहरा संघर्ष

संन्यास लेने से पहले उन्होंने भयंकर आर्थिक तंगी झेली। परिवार की जिम्मेदारियां और बेरोजगारी ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बनाया। यह संघर्ष आज के युवाओं के लिए बड़ी सीख है।


5. पैदल भारत भ्रमण

स्वामी विवेकानंद ने पूरे भारत का भ्रमण अधिकांशतः पैदल किया। इस दौरान उन्होंने गांव-गरीब, किसानों और मजदूरों की वास्तविक स्थिति देखी, जिसने उनके विचारों को और मजबूत किया।


6. शिकागो भाषण आकस्मिक नहीं था

1893 के शिकागो धर्म सम्मेलन में दिया गया उनका ऐतिहासिक भाषण किसी तैयारी का नतीजा नहीं था। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने मां सरस्वती का स्मरण किया और हृदय से निकले शब्दों ने पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया।


7. केवल साधु नहीं, राष्ट्रनिर्माता थे

स्वामी विवेकानंद सिर्फ आध्यात्मिक गुरु नहीं थे, बल्कि वे भारत को आत्मनिर्भर और आत्मगौरव से भरपूर राष्ट्र बनते देखना चाहते थे। उनका मानना था कि युवाओं के बिना राष्ट्र का विकास असंभव है।


8. महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रबल समर्थक

उस दौर में उन्होंने कहा था कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। यह सोच उन्हें अपने समय से बहुत आगे ले जाती है।


9. शिक्षा को चरित्र निर्माण से जोड़ा

उनके अनुसार शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि चरित्र, आत्मविश्वास और सेवा भावना का विकास है। आज की शिक्षा प्रणाली के लिए यह विचार बेहद महत्वपूर्ण है।


10. अल्पायु में महान विरासत

केवल 39 वर्ष की आयु में उन्होंने शरीर त्याग दिया, लेकिन इतने कम समय में जो विचार और प्रेरणा उन्होंने दी, वह सदियों तक युवाओं को दिशा देती रहेगी।


राष्ट्रीय युवा दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वामी विवेकानंद केवल इतिहास की पुस्तक नहीं, बल्कि आज के युवाओं के लिए जीवंत विचारधारा हैं। आत्मविश्वास, साहस, सेवा और राष्ट्रप्रेम—यही उनके संदेश का सार है। यदि युवा उनके विचारों को जीवन में उतार लें, तो न केवल उनका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि देश भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।