Independence Day 2026: 15 अगस्त का दिन हो और चारों तरफ तिरंगा, देशभक्ति के गीत और आजादी के जश्न का माहौल न हो, ऐसा संभव नहीं। लेकिन महाराष्ट्र के नाशिक में स्वतंत्रता दिवस का जश्न बेहद मासूम और खूबसूरत अंदाज में मनाया गया। नाशिक जिला अस्पताल की न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में नर्सों ने नवजात बच्चों को तिरंगे के तीन रंगों में सजाकर आजादी का पर्व मनाया।



तीन नवजात, तिरंगे के तीन रंग

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नर्सों ने एक बच्चे को केसरिया रंग के कपड़े में लपेटा, दूसरे को सफेद और तीसरे बच्चे को हरे रंग के कपड़े में सजाया। इसके बाद तीनों बच्चों को एक साथ रखा गया।



तीनों नवजातों को इस तरह सजाया गया कि वे मिलकर तिरंगे का स्वरूप नजर आए। न कोई बड़ा मंच था, न भाषण और न ही किसी तरह का भव्य आयोजन। बस तीन नन्हे बच्चे और तिरंगे के तीन रंग। इस छोटे से आयोजन में देशभक्ति की भावना पूरी तरह दिखाई दी।



ड्यूटी के बीच नर्सों ने मनाया आजादी का जश्न

न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में नवजात बच्चों को संक्रमण से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। यहां तैनात नर्सों को हर समय बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के किसी बाहरी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यूनिट छोड़ना संभव नहीं था।



नर्सों ने इसी वजह से यूनिट के अंदर ही स्वतंत्रता दिवस मनाने का फैसला किया। उन्होंने बच्चों को तिरंगे के तीन रंगों में सजाया और अपनी ड्यूटी के बीच आजादी के पर्व को खास बना दिया।



नन्हे बच्चों की मासूमियत ने जीता दिल

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि जिन बच्चों को अभी यह भी नहीं पता कि स्वतंत्रता दिवस क्या है, वही आजादी के जश्न का हिस्सा बन गए। उनके लिए दुनिया फिलहाल मां की गोद, नर्सों की देखभाल और अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित है, लेकिन उनकी मासूमियत ने 15 अगस्त के उत्सव को एक अलग ही रंग दे दिया।



बच्चों की माताओं के चेहरे पर आई मुस्कान

नर्सों की इस छोटी सी कोशिश से नवजात बच्चों की माताएं भी बेहद खुश हुईं। अस्पताल में अपने बच्चे की सेहत को लेकर चिंतित रहने वाली माताओं के लिए जब उनका नन्हा बच्चा तिरंगे के रंगों में सजा नजर आया, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।



नर्सों का यह प्रयास उनके लिए सिर्फ बच्चों को अलग-अलग रंग के कपड़े पहनाना नहीं था, बल्कि अपनी ड्यूटी के बीच देश के स्वतंत्रता दिवस को अपने तरीके से मनाने की एक खूबसूरत पहल थी।



अस्पताल की यूनिट ही बना जश्न का स्थान

देशभर में स्वतंत्रता दिवस पर कहीं हाथों में तिरंगा नजर आया, तो कहीं घरों और संस्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज लहराया। नाशिक के इस अस्पताल में तीन नन्हे बच्चे ही तिरंगे का स्वरूप बन गए। यह छोटा सा जश्न इस बात की खूबसूरत मिसाल बन गया कि देशभक्ति के लिए किसी बड़े मंच या विशेष आयोजन की जरूरत नहीं होती। भावना सच्ची हो तो अस्पताल की एक छोटी सी यूनिट भी आजादी के जश्न का केंद्र बन सकती है।