DESK: एक बहन के लिए भाईयों का अटूट प्यार देखने को मिला। जहां चार भाईयों ने मिलकर बहन को दिल खोलकर उपहार दिया। जो उनके इलाके में अब तक का सबसे बड़ा उपहार बताया जा रहा है। पूरे इलाके में अब इन चार भाईयों की चर्चा हो रही है जिन्होंने बहन की शादी में दिल खोलकर खर्च किया।
हम बात राजस्थान के नागौर जिले के श्यामसर गांव की कर रहे हैं जहां भाई-बहन के रिश्ते की एक अनोखी मिसाल सामने आई है, जिसने पूरे मारवाड़ क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। यहां चार भाइयों ने अपनी बहन को 1.51 करोड़ रुपये का उपहार देकर परंपरा, प्रेम और सम्मान का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।
जानकारी के अनुसार, श्यामसर निवासी सुरजाराम सियाग की बेटी रामी देवी के परिवार में शादी का आयोजन था। इस दौरान मायरे की रस्म निभाते हुए उनके चार भाई गंगाराम, शिवलाल, खीयाराम और श्रवणराम बहन के ससुराल मायरा लेकर पहुंचे और दिल खोलकर उपहार दिए।
21 लाख 51 हजार रुपये कैश, 25 बीघा खेती योग्य जमीन, 7 तोला सोना, 21 तोला चांदी और 51 हजार रुपये टीका के रूप में शामिल थे। कुल मिलाकर 1 करोड़ 51 लाख रुपये का चारों भाईयों ने मिलकर बहन को उपहार दिया। जो इलाके में अब तक का सबसे बड़ा उपहार बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का मायरा पहले कभी देखने को नहीं मिला। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह आयोजन केवल आर्थिक समृद्धि का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, जिम्मेदारी और सामाजिक सम्मान का प्रतीक है।
इस अनोखे मायरे की चर्चा अब पूरे मारवाड़ में हो रही है। आसपास के गांवों के लोग भी इस आयोजन के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। सामाजिक स्तर पर इसे राजस्थानी परंपरा का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। राजस्थान में मायरा केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भाई द्वारा बहन के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी को दर्शाने वाली परंपरा है। श्यामसर गांव की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक समय में भी परंपराएं जीवित हैं, बस उन्हें निभाने का जज्बा होना चाहिए।