पटना/लखनऊ: विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद पहुंचे, जहां निषाद, मल्लाह और कश्यप समाज के हजारों लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। संकल्प यात्रा के क्रम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर निषाद समाज को आरक्षण दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस दौरान सहनी ने लोगों से संवाद किया और पत्रकारों से भी बातचीत की।
मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद, मल्लाह और कश्यप समाज गंगा माता की संतान है। आज समाज के लोगों ने गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प लिया है कि यदि 2027 से पहले मोदी-योगी सरकार निषाद समाज को आरक्षण लागू नहीं करती है, तो बिना आरक्षण के भाजपा को किसी भी हाल में वोट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के अधिकार और भविष्य की लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि समाज को पैसे, शराब या किसी अन्य प्रलोभन से गुमराह नहीं किया जा सकता। निषाद समाज अब जागरूक हो चुका है और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर है। सहनी ने कहा कि पार्टी के जिला अध्यक्ष, जिला कमेटी और कार्यकर्ता एक-एक गांव और एक-एक घर तक जाएंगे। लोगों के हाथ में गंगाजल देकर संकल्प दिलाया जाएगा और इसका वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सत्ता और विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं तक पहुंचाया जाएगा।
' सन ऑफ मल्लाह' के नाम से चर्चित सहनी ने कहा कि यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में चलाया जा रहा है। पूर्वांचल के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। फर्रुखाबाद में सभागार के अंदर जगह नहीं बची और बड़ी संख्या में लोग बाहर खड़े रहे। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि समाज अपने बच्चों के अधिकार के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश का संविधान एक है और प्रधानमंत्री एक हैं, तो निषाद समाज के साथ आरक्षण के मामले में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और बंगाल में निषाद-कश्यप समाज को आरक्षण मिला हुआ है, तो उत्तर प्रदेश में भी समाज बिना आरक्षण किसी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि दो-चार सीटों के समझौते से समाज का कल्याण नहीं होगा।
डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधते हुए सहनी ने कहा कि उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया है कि यदि वह निषाद समाज को आरक्षण दिलाते हैं तो उनका पूरा समर्थन किया जाएगा। लेकिन केवल मंत्री पद पर बने रहकर समाज को गुमराह करना स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय निषाद को गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प लेना चाहिए कि आरक्षण नहीं मिलने पर भाजपा से कोई समझौता नहीं करेंगे।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सहनी ने कहा कि अभी उनका पूरा ध्यान मजबूत जनआंदोलन खड़ा करने पर है। चुनाव में उतरने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और 15 नवंबर के बाद पार्टी अपनी राजनीतिक रणनीति तय करेगी। उन्होंने कहा कि वीआईपी पहले से इंडिया गठबंधन का हिस्सा है।
सहनी ने कहा कि उन्होंने समाज के अधिकार के लिए पहले भी मंत्री पद तक की कुर्बानी दी है और आगे भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार गंगा मैया के आशीर्वाद से समाज ने संकल्प लिया है कि उसका वोट न बिकेगा, न गुमराह होगा और न झूठे वादों के बहकावे में आएगा। आरक्षण मिलेगा तो समर्थन मिलेगा, अन्यथा समाज सत्ता परिवर्तन के लिए अपना फैसला खुद करेगा।