DESK: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में एक दर्दनाक हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। गायत्री नगर में तीसरी मंजिल की बालकनी से गुटखा थूकते समय प्रभुलाल गुप्ता पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी है।
बालकनी से थूकते समय हुआ हादस
प्रभुलाल गुप्ता मूल रूप से छतरपुर के रहने वाले थे और पेशे से राजमिस्त्री थे। वह पिछले करीब 10 वर्षों से गंजबासौदा के गायत्री नगर में किराए के मकान में रह रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार घटना के वक्त वह घर की तीसरी मंजिल की बालकनी में खड़े होकर गुटखा खा रहे थे। नीचे की ओर थूकते समय वह पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी जान चली गई।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इलाके में बिजली के तार, खंभे और ट्रांसफॉर्मर की स्थिति ठीक नहीं है। लोगों के मुताबिक, मकानों के करीब से गुजर रही 11 केवी की लाइन को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी।
मकान मालिक पद्मा चिढ़ार ने भी दावा किया कि उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार लाइन हटाने या दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी। उनके अनुसार, अधिकारियों ने आश्वासन दिया था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। हादसे से मृतक के परिवार में मातम पसरा है। स्थानीय लोग मामले की जांच कराने और बिजली लाइन की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं। हाईटेंशन लाइन से जुड़े हादसों में बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और तारों की सुरक्षित दूरी जैसे सवाल अहम हैं। हालांकि, इस मामले में हादसा किन तकनीकी परिस्थितियों में हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।