Monsoon 2026: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आधिकारिक तौर पर केरल में दस्तक दे दी है। इसके साथ ही भारत में वर्षा ऋतु की औपचारिक शुरुआत हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। मानसून के प्रवेश के साथ ही केरल, लक्षद्वीप और तटीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई इलाकों में लगातार बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।


IMD ने 4 जून से 9 जून तक केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा हो सकती है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने इन क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई है।


मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड समेत उत्तर केरल के कई जिलों में भी भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मानसून के मजबूत होने के साथ बारिश का दायरा लगातार बढ़ेगा। IMD ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो चुकी हैं।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी प्रशांत महासागर में विकसित टाइफून और लक्षद्वीप के पास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसून की गति कुछ धीमी पड़ गई थी। हालांकि अब परिस्थितियां सामान्य हो गई हैं और मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है।


मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून 12 से 15 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। राज्य के कुछ हिस्सों में मानसून निर्धारित समय से थोड़ा पहले भी पहुंच सकता है। पूरे बिहार में मानसून के सक्रिय होने में इसके बाद लगभग 2 से 3 दिन का समय लग सकता है।


भारत की करीब आधी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश की लगभग 51 प्रतिशत खेती वर्षा आधारित है। ऐसे में मानसून का अच्छा प्रदर्शन बेहतर फसल उत्पादन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और बाजार में सकारात्मक प्रभाव का संकेत माना जाता है।


मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून अब तेजी से आगे बढ़ेगा और जुलाई के मध्य तक देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेगा। फिलहाल केरल में मानसून की धमाकेदार एंट्री ने गर्मी से राहत दिलाई है और अब पूरे देश की नजर मानसून की अगली प्रगति पर टिकी हुई है।