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27-Mar-2026 04:28 PM
By First Bihar
DESK: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से एक चर्चित मामला सामने आया है, जहां “कौन बनेगा करोड़पति” में 50 लाख रुपये जीत चुकीं तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने बहुचर्चित बड़ौदा बाढ़ राहत घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें श्योपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें महिला जेल शिवपुरी भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, बाढ़ राहत वितरण में करीब 2.5 करोड़ रुपये के घोटाले में उनका नाम सामने आया था। इसी मामले में वे लंबे समय से जांच के दायरे में थीं। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन दोनों ही जगह से उन्हें राहत नहीं मिली।
बताया जाता है कि अमिता सिंह तोमर श्योपुर जिले के विजयपुर में तहसीलदार के पद पर पदस्थ थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने उन्हें एक दिन पहले ही पद से हटा दिया था। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इस मामले ने इसलिए भी ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, क्योंकि अमिता सिंह तोमर एक समय अपनी उपलब्धि के लिए चर्चा में थीं। उन्होंने लोकप्रिय टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” में 50 लाख रुपये जीते थे। अब उन्हीं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने से प्रशासनिक और आम लोगों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुलिस के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अमिता सिंह तोमर फरार चल रही थीं। गुरुवार को उनके ग्वालियर में होने की सूचना मिली, जिसके बाद बड़ौदा पुलिस की टीम ने उनके घर पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। श्योपुर के एसपी सुधीर अग्रवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में उनके ग्वालियर स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।