Bihar News : राजधानी पटना में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कन्हौली से शेरपुर के बीच बनने वाली छह लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण अक्टूबर 2026 से शुरू होने की तैयारी है। करीब 9 किलोमीटर लंबी यह सड़क पटना रिंग रोड परियोजना का अहम हिस्सा है। इसके तैयार होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आने-जाने वाले भारी वाहनों को पटना शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत काफी हद तक नहीं पड़ेगी।


इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा पटना के उन इलाकों को मिलने की उम्मीद है, जहां रोजाना भारी वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनती है। खासकर दानापुर, खगौल, सगुना मोड़ और बेली रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है।


9 किलोमीटर सड़क, 177 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क के निर्माण के लिए लगभग 177 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अब तक करीब 4 किलोमीटर हिस्से के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक अक्टूबर तक लगभग 80 फीसदी भूमि अधिग्रहण पूरा कर निर्माण एजेंसी को जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।


इस परियोजना पर करीब 778 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के लिए राशि आवंटित हो चुकी है और केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर इसका खर्च वहन कर रही हैं।


बिहटा और मनेर अंचल के कई गांवों की जमीन इस परियोजना के दायरे में आ रही है। संबंधित रैयतों के दस्तावेजों की जांच और मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है।


कन्हौली में बनेगा बड़ा जंक्शन

कन्हौली के पास इस सड़क का महत्वपूर्ण जंक्शन विकसित किया जाएगा। यहां से कन्हौली-रामनगर, दानापुर-बिहटा और शेरपुर-कन्हौली सड़क को जोड़ा जाएगा। कन्हौली गोलंबर तक पहुंच आसान बनाने के लिए करीब 1.5 किलोमीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा।


इस कनेक्टिविटी के कारण आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भी फायदा मिलेगा। खासकर बिहटा, मनेर और दानापुर क्षेत्र के लोगों के लिए सड़क संपर्क पहले की तुलना में बेहतर होने की उम्मीद है।


भारी वाहन शहर में घुसे बिना निकल सकेंगे

कन्हौली-शेरपुर सड़क का सबसे महत्वपूर्ण फायदा मालवाहक वाहनों को मिलेगा। छपरा, सीवान और मुजफ्फरपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन दक्षिण बिहार और झारखंड की ओर जाने के लिए पटना शहर के अंदर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।


इसी तरह दक्षिण बिहार और झारखंड की तरफ से उत्तर बिहार जाने वाले ट्रक और दूसरे भारी वाहन भी शहर के मुख्य हिस्सों से बचते हुए आगे निकल सकेंगे। इससे राजधानी के प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटने की उम्मीद है।


कई बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ेगा रिंग रोड

कन्हौली-शेरपुर सड़क को अकेले नहीं देखा जा रहा है। यह बिहार में विकसित हो रहे कई बड़े सड़क और पुल प्रोजेक्ट को आपस में जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी।


शेरपुर-दीघवारा के बीच निर्माणाधीन गंगा पुल से भी इसका संपर्क होगा। वहीं दूसरी ओर कन्हौली से आगे यह मार्ग बिहटा-सरमेरा रोड से जुड़ेगा। इससे कच्ची दरगाह-बिदुपुर गंगा पुल और उत्तर बिहार की ओर जाने वाले मार्गों तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।


दिघवारा से बिदुपुर के बीच भी सड़क निर्माण का काम चल रहा है, जिसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं के एक-दूसरे से जुड़ने के बाद पटना के आसपास का सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा।


एयरपोर्ट, आईआईटी और औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा

बिहटा-दानापुर एलिवेटेड रोड से कनेक्टिविटी होने के कारण बिहटा एयरपोर्ट, आईआईटी पटना और आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों को भी मुख्य हाईवे नेटवर्क से सीधा संपर्क मिलेगा।


कुल मिलाकर कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क को पटना के ट्रैफिक सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। यदि जमीन अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो अक्टूबर से निर्माण शुरू होने के बाद आने वाले वर्षों में राजधानी के ट्रैफिक पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।