DESK: योग गुरु बाबा रामदेव और भाजपा सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। Gen-Z को लेकर कंगना रनौत के ‘गटर’ वाले बयान पर बाबा रामदेव ने जो टिप्पणी की थी। उसके बाद अब कंगना ने उनके ऊपर पलटवार किया है। कंगना ने रामदेव को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में दिन में सपने नहीं देखने चाहिए।
कंगना रनौत ने बाबा रामदेव के बयान पर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में दिन में सपने मत देखो। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर अंदाजा लगा सकता है।”
कंगना ने आगे रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने चरित्र पर किसी तरह का सबक देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कभी सुप्रीम कोर्ट की ओर से झूठे या भ्रामक मेडिकल प्रभाव संबंधी दावों को लेकर फटकार नहीं लगी, जबकि उनके मुताबिक ऐसे मामले ठोस तथ्यों पर आधारित हैं, न कि अफवाहों या अटकलों पर। कंगना ने आगे कहा कि “इसलिए मुझे कैरेक्टर के सबक मत दो। आपसे तो बहुत ज्यादा बेहतर है मेरा कैरेक्टर।”
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने Gen-Z को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। जुलाई में सोशल मीडिया पर किए गए अपने कुछ पोस्ट में उन्होंने प्रदर्शन में शामिल कुछ Gen-Z प्रदर्शनकारियों और युवा महिलाओं को ‘गटर जनरेशन’ कहा था। कंगना की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। बाद में कंगना ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका बयान पूरी Gen-Z या सभी युवाओं के लिए नहीं था। उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणी उन लोगों को लेकर थी, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक आचरण और भाषा की मर्यादा को पार किया था।
कंगना के बयान पर क्या बोले बाबा रामदेव?
एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में बाबा रामदेव से कंगना की ‘गटरछाप जनरेशन’ वाली टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी Gen-Z या देश के युवा को ‘गटर’ कहना बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है।
रामदेव ने कहा कि युवाओं में कुछ नकारात्मक तत्व हो सकते हैं, लेकिन इसके आधार पर पूरी युवा पीढ़ी को खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की वर्तमान और भविष्य की ताकत है और उसकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रामदेव ने कंगना पर निशाना साधते हुए उनके बचपन, जवानी और पुराने ‘कारनामों’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहते। साथ ही उन्होंने भाजपा को भी ऐसे बयानों पर संज्ञान लेने की सलाह दी।
रामदेव ने यह भी कहा कि यदि कंगना उनके योग की प्रशंसा करती हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह उनके दूसरे बयानों पर पर्दा डाल देंगे। उन्होंने युवाओं के अधिकारों और उनकी आवाज को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी एक व्यक्ति के बयान से पूरी युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व नहीं किया जा सकता।