Indian Railways AI: लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्री रेलवे के भोजन पर निर्भर रहते हैं। हालांकि खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और हाइजीन को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। अब इन समस्याओं को दूर करने और यात्रियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) ने बड़ा कदम उठाया है।


रेलवे ने अपने किचन और फूड प्रोडक्शन यूनिट्स में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सर्विलांस सिस्टम लागू करना शुरू कर दिया है। इस तकनीक के जरिए भोजन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, ताकि यात्रियों तक साफ, सुरक्षित और मानकों के अनुरूप भोजन पहुंच सके।


रेलवे किचन में लगाए गए AI कैमरे सामान्य सीसीटीवी कैमरों से अलग होंगे। ये केवल वीडियो रिकॉर्ड नहीं करेंगे, बल्कि उसकी रियल-टाइम निगरानी और विश्लेषण भी करेंगे। यदि कोई कर्मचारी बिना ग्लव्स के काम करता है, हेड कैप नहीं पहनता है या साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं करता है, तो AI सिस्टम तुरंत इसकी पहचान कर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज सकता है। इससे नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी।


रेलवे अधिकारियों का मानना है कि AI तकनीक के इस्तेमाल से भोजन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। कई बार यात्रियों की ओर से खराब भोजन, अस्वच्छ पैकिंग और किचन में लापरवाही की शिकायतें मिलती रही हैं। नई तकनीक इन कमियों को दूर करने में मदद करेगी। रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भोजन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो। किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।


AI आधारित निगरानी प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलेगा। इससे ट्रेनों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर होने की संभावना है। साथ ही खाने से जुड़ी शिकायतों में भी कमी आ सकती है। रेलवे को उम्मीद है कि इस पहल से यात्रियों का भरोसा और संतुष्टि दोनों बढ़ेंगे तथा ट्रेन यात्रा का अनुभव और बेहतर होगा।


भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से टिकटिंग, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ा रहा है। अब भोजन प्रबंधन में भी AI तकनीक को शामिल किया गया है। रेलवे का मानना है कि आने वाले समय में AI का इस्तेमाल कई अन्य विभागों में भी किया जाएगा, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता और संचालन क्षमता में और सुधार हो सकेगा।