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17-Oct-2025 09:39 AM
By First Bihar
Indian Air Force: भारत ने वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMa) की 2025 की ताजा रिपोर्ट में चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर वायुसेना का स्थान हासिल कर लिया है। इस रैंकिंग में अमेरिका और रूस पहले दो स्थानों पर काबिज हैं। भारतीय वायुसेना ने अपनी आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और तेज रणनीतिक प्रतिक्रिया के दम पर यह उपलब्धि प्राप्त की है।
यह रैंकिंग 103 देशों की 129 वायु सेवाओं और 48,082 विमानों के विश्लेषण पर आधारित है और True Value Rating के माध्यम से न केवल विमानों की संख्या, बल्कि उनकी परिचालन दक्षता, तकनीकी आधुनिकता और लॉजिस्टिक क्षमता को भी मापती है। भारत का TVR स्कोर 69.4 रहा जो चीन के 63.8 से अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार, भले ही चीन के पास भारत से अधिक फाइटर जेट्स हों, लेकिन IAF की मिशन-तैयारी और सटीक हमले की क्षमता ने उसे आगे रखा है। भारत के पास 1,716 विमान हैं, जिनमें राफेल, सुखोई Su-30 MKI और स्वदेशी तेजस जैसे उन्नत लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना की ताकत का एक प्रमुख कारण तीनों सेनाओं थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच मजबूत तालमेल है। इसकी तुलना में रूस के पास अधिक विमान होने के बावजूद यूक्रेन युद्ध में हवाई प्रभुत्व स्थापित करने में कमी रही, जबकि भारत की रणनीति और तकनीक ने उसे वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिलाई।
भारतीय वायुसेना की श्रेष्ठता का एक बड़ा प्रमाण मई 2025 में हुआ ऑपरेशन सिंदूर है, जिसने इसकी सामरिक क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया था। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में IAF ने 7 मई को यह अभियान शुरू किया। ऑपरेशन में पाकिस्तान और PoK में 11 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें पाकिस्तानी एयरबेस, रडार और C4ISR नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा।
IAF चीफ एयर मार्शल एपी सिंह के अनुसार, इस अभियान में 9-10 पाकिस्तानी फाइटर जेट (4-5 F-16 और JF-17 सहित), एक AWACS और 100 से अधिक सैनिक नष्ट हुए। S-400 मिसाइल सिस्टम ने 300 किलोमीटर दूर से सटीक हमले किए, जिसे इतिहास का सबसे लंबा हवाई किल माना गया। पाकिस्तान ने 6 भारतीय विमानों को मार गिराने का दावा किया, जिसे IAF ने खारिज करते हुए "काल्पनिक कहानियां" बताया। 10 मई को पाकिस्तान के युद्धविराम अनुरोध के साथ ऑपरेशन समाप्त हुआ था।
वहीं, पाकिस्तान की वायुसेना लिस्ट में 10वें स्थान पर रही, जिसका TVR स्कोर 46.3 है। इसके पास 1,400 विमान हैं, लेकिन पुराने F-16 और चीनी JF-17 पर निर्भरता, रखरखाव की कमी और ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान ने इसकी रैंकिंग को प्रभावित किया है। भारत की प्रगति में पायलटों का उच्च प्रशिक्षण, अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम और स्वदेशी तकनीक का बढ़ता उपयोग शामिल हैं। भविष्य में LCA-Mk1A, MRFA और AMCA जैसे विमान IAF को और मजबूत करेंगे।