India-Nepal Border: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. नेपाल की ओर से सीमाई निगरानी सख्त किए जाने के बाद अब भारत ने भी मधवापुर बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है. केंद्र सरकार के निर्देश पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने दो प्रमुख सड़कों को छोड़कर सीमा से जुड़े अन्य सभी संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है. इसके साथ ही सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है और आने-जाने वाले लोगों तथा वाहनों की सघन जांच की जा रही है.


एसएसबी ने सीमा से जुड़े छोटे-बड़े सभी वैकल्पिक रास्तों पर बांस-बल्ला और अन्य अवरोधक लगाकर पहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी है. हालांकि स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन मार्गों से पैदल आवागमन की अनुमति जारी रखी गई है. एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट हरिनारायण जाट ने बताया कि यह कार्रवाई भारत सरकार के सुरक्षा संबंधी निर्देशों के तहत की गई है. फिलहाल मधवापुर सीमा पर केवल पेठिया गाछी मार्ग और गांधी चौक मार्ग से ही वाहनों का वैध आवागमन जारी रहेगा.


करीब दस दिन पहले जब एसएसबी ने सीमा के वैकल्पिक रास्तों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की थी, तब सीमावर्ती गांवों के लोगों ने इसका विरोध किया था. विरोध के बाद बेनीपट्टी के एसडीएम और डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. इसके बाद 48वीं बटालियन के एसएसबी कमांडेंट राजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें उनकी सुविधा को देखते हुए एक अतिरिक्त सड़क वाहनों के लिए खुली रखने का प्रस्ताव दिया गया.


बैठक के दौरान एसएसबी ने ग्रामीणों से आपसी सहमति से किसी एक अतिरिक्त मार्ग का चयन करने को कहा था. इसके बाद जिला प्रशासन ने भी पहल करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में मधवापुर थाने में ग्रामीणों के साथ बैठक की और दो दिनों के भीतर किसी एक मार्ग पर सर्वसम्मति बनाने का आग्रह किया.


हालांकि कई दौर की बातचीत और बैठकों के बावजूद सीमावर्ती गांवों के लोग किसी एक अतिरिक्त मार्ग पर सहमति नहीं बना सके. अंततः ग्रामीणों ने स्वयं एसएसबी को इसकी जानकारी दी कि वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं. इसके बाद रविवार शाम एसएसबी ने दो मुख्य मार्गों को छोड़कर बाकी सभी बॉर्डर रूटों पर स्थायी बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी.


सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में ग्रामीण आपसी सहमति से किसी एक अतिरिक्त मार्ग के नाम पर एकमत हो जाते हैं, तो नियमानुसार उस सड़क को भी वाहनों के लिए खोलने पर विचार किया जा सकता है.


फिलहाल मधवापुर बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त कर दी गई है. एसएसबी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं और सीमा से होकर गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति एवं वाहन की गहन जांच की जा रही है.