HARYANA: हरियाणा की मुर्राह नस्ल की भैंसें अपनी शानदार दुग्ध उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती हैं। अब हांसी क्षेत्र के मिर्चपुर गांव के पशुपालक नवदीप की भैंस दुर्गा ने 41 किलो दूध देकर नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले सिंघवा खास के किसान ईश्वर सिंघवा की भैंस राधा ने 35 किलो 669 ग्राम दूध देकर रिकॉर्ड बनाया था। दुर्गा के इस प्रदर्शन से पशुपालन एवं डेयरी विभाग में भी उत्साह है।
तीसरी पीढ़ी की भैंस है दुर्गा
पशुपालक नवदीप के मुताबिक, दुर्गा उनके घर में पली तीसरी पीढ़ी की भैंस है। उसका नाम उनकी बेटी ज्योति ने रखा था। दुर्गा ने अपनी दुग्ध उत्पादन क्षमता से परिवार को खास पहचान दिलाई है।
बताया गया है कि हरियाणा सरकार की स्वदेशी गायों के संरक्षण एवं विकास तथा मुर्राह विकास योजना के तहत आयोजित दुग्ध रिकॉर्डिंग प्रक्रिया के दौरान दुर्गा का दूध उत्पादन दर्ज किया गया। यह पूरी प्रक्रिया विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों की निगरानी में संपन्न हुई।
खास खानपान और देखभाल से बढ़ी दूध देने की क्षमता
दुर्गा की देखभाल में खानपान से लेकर स्वास्थ्य तक का विशेष ध्यान रखा जाता है। नवदीप के अनुसार, उसे रोजाना संतुलित और पौष्टिक आहार दिया जाता है। उसकी खुराक में खल, बिनौला, चना, मेथी, सोयाबीन, गेहूं का दलिया, चने की चुरी और हरा चारा शामिल हैं। इसके अलावा उसे प्रतिदिन करीब 15 किलो दाना भी दिया जाता है।
दुर्गा के आराम के लिए खास गद्दों की व्यवस्था की गई है। उसकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाती है और पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसकी देखभाल होती है। नवदीप के मुताबिक, दुर्गा की रोजाना सरसों के तेल से मालिश भी की जाती है।
दुर्गा की कीमत 40 लाख रुपये लगी
दुर्गा की शानदार दुग्ध उत्पादन क्षमता के कारण उसकी कीमत भी काफी अधिक लग चुकी है। नवदीप ने बताया कि रोहतक के एक व्यापारी ने दुर्गा को खरीदने के लिए 40 लाख रुपये तक की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने उसे बेचने से इनकार कर दिया।
दुर्गा के नर बच्चे की कीमत भी 7 लाख रुपये से अधिक लग चुकी है। हालांकि, नवदीप उसे भी बेचना नहीं चाहते। उनका कहना है कि दुर्गा की अगली पीढ़ी को भी वह अपने घर में ही पालेंगे। इस तरह मुर्राह नस्ल की भैंस दुर्गा न केवल अपने दूध उत्पादन के कारण चर्चा में है, बल्कि अपनी कीमत और खास देखभाल को लेकर भी पशुपालकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।