DESK:पंजाब सरकार ने राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली है। उनके जालंधर स्थित आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी हटा दिया गया है। इससे पहले आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा की सुरक्षा भी वापस ली गई थी, हालांकि बाद में उन्हें केंद्र सरकार की ओर से ‘वाई’ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई।
हाल के दिनों में सियासी हलकों में यह चर्चा तेज है कि हरभजन सिंह भी आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ सकते हैं। राघव चड्ढा ने दावा किया है कि AAP के 7 सांसद पार्टी छोड़ने वाले हैं, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी शामिल है। हालांकि इस पूरे मामले पर हरभजन सिंह की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
घर के बाहर ‘गद्दार’ लिखकर विरोध किया जा रहा है। शनिवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह समेत कई सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लुधियाना और जालंधर में कार्यकर्ताओं ने उनके घरों की दीवारों पर स्प्रे पेंट से ‘गद्दार’ लिख दिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘पंजाब दे गद्दार’ के नारे लगाते हुए इन नेताओं पर जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
हरभजन सिंह के निजी सहायक मनदीप सिंह ने पुष्टि की है कि पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली है। इस फैसले के बाद उनके घर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी हटा लिए गए हैं। हालांकि इस पर हरभजन सिंह की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने कहा कि सातों सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के अनुसार, किसी भी पार्टी के दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं और इस प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत अन्य सांसद अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दावा किया है। हालांकि इन दावों पर अब भी आधिकारिक पुष्टि और संबंधित नेताओं की स्पष्ट प्रतिक्रिया का इंतजार है।