DESK:असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या में आयोजित चार दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का भव्य समापन हो गया। षोडसी भवन में देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में आयोजित इस महायज्ञ में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए। 


उन्होंने स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने जस्टिस रंजन गोगोई का स्वागत किया। महायज्ञ में देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और माता ललिता की पूजा-अर्चना की।


गुवाहाटी के कामाख्या स्थित षोडसी भवन में आयोजित श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। चार दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने सिंदूर और मखाने से माता ललिता का अर्चन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


महायज्ञ में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई अपनी पत्नी के साथ पहुंचे। उन्होंने स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया।


महायज्ञ के समापन अवसर पर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि माता ललिता की आराधना और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का यह अभियान देशभर में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने संकल्प जताया कि भारत के हर गांव में माता ललिता का भव्य महायज्ञ आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ सकें।


इस अवसर पर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने देश की वर्तमान स्थिति और राष्ट्रीय हितों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत विश्व शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में अराजकता फैलाने के प्रयासों को विदेशी इशारों पर होने के नाम पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि देश प्रथम है और व्यक्ति बाद में।


इस तरह गुवाहाटी के षोडसी भवन में आयोजित चार दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का समापन धार्मिक आस्था, पूजा-अर्चना और राष्ट्रीय विचारों के संदेश के साथ हुआ। आयोजन के जरिए माता ललिता की उपासना और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को देश के हर गांव तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।