MP: ग्वालियर से सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखी ‘किसिंग कार’ का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक सफेद स्विफ्ट कार लिपस्टिक से बने हजारों किस यानी चुम्मे के निशानों से पूरी तरह ढकी नजर आ रही है। दावा है कि कार पर करीब 3,400 किस के निशान बनाए गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने कार के मालिक आदित्य सिकरवार की पहचान कर उसका 5,500 रुपये का चालान काट दिया।
अब सवाल उठ रहा है कि क्या कार पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाना अपराध है? आखिर ट्रैफिक पुलिस ने किस नियम के तहत यह कार्रवाई की? आइए जानते हैं पूरे मामले को।
सोशल मीडिया ट्रेंड के लिए बनाई गई ‘किसिंग कार’
दरअसल, आदित्य सिकरवार और उनकी गर्लफ्रेंड ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक ट्रेंड के तहत कार को किस के निशानों से सजाया था। आदित्य के मुताबिक, इस अनोखे कार मेकओवर का मकसद सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचना और वीडियो को वायरल करना था। आदित्य की गर्लफ्रेंड ने कार के बाहरी हिस्से पर लिपस्टिक से करीब 3,400 किस के निशान बनाए। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग साढ़े तीन घंटे लगे और करीब 800 से 900 रुपये की लिपस्टिक इस्तेमाल हुई। इसके बाद कार का वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया, जो तेजी से वायरल हो गया।
वायरल वीडियो देखकर पुलिस ने कार को खोज निकाला
वीडियो ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस की नजर में भी आया। ट्रैफिक पुलिस स्टेशन के प्रभारी अभिषेक रघुवंशी ने बताया कि कार्रवाई से करीब दो दिन पहले सोशल मीडिया पर लिपस्टिक से ढकी स्विफ्ट कार का वीडियो सामने आया था। वीडियो में कार को पटेल नगर-सिटी सेंटर इलाके में तेज रफ्तार से चलाते हुए देखा गया था।
इसके बाद पुलिस ने वायरल वीडियो में उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने कार को थाटीपुर इलाके में खोज निकाला और उसे ट्रैफिक पुलिस थाने ले जाया गया। इसके बाद आदित्य को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पूछताछ में आदित्य ने बताया कि कार पर किस के निशान बनाने का आइडिया उनकी गर्लफ्रेंड का था। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने कार पार्क की थी और कुछ देर के लिए वहां से चले गए थे। इसी दौरान उनकी गर्लफ्रेंड ने कार पर लिपस्टिक से किस के निशान बना दिए। बाद में उन्होंने इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद आदित्य ने अपनी गलती स्वीकार की और थाने में ही कार से लिपस्टिक के निशान हटाए। पुलिस ने उन्हें भविष्य में ट्रैफिक नियमों का पालन करने और इस तरह की हरकत दोबारा नहीं करने की सलाह दी।
क्या कार पर किस के निशान होना अपराध है?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कार पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाने पर ट्रैफिक पुलिस चालान काट सकती है? पुलिस ने आदित्य का 5,500 रुपये का चालान तो काटा है, लेकिन सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मोटर व्हीकल एक्ट की किस सटीक धारा के तहत चालान किया गया। इसलिए सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मोटर व्हीकल एक्ट में कार पर लिपस्टिक या किस के निशान होने को सीधे तौर पर अपराध नहीं बताया गया है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के आधार पर हो सकती है।
क्या मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 52 लागू हो सकती है?
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 52 वाहन में अनधिकृत बदलाव यानी अनधिकृत alteration से संबंधित है। सामान्य तौर पर वाहन में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता जिससे उसकी मूल संरचना या रजिस्ट्रेशन में दर्ज विवरण प्रभावित हो।हालांकि, केवल कार की बाहरी सतह पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाए जाने को सीधे तौर पर धारा 52 के तहत अवैध alteration मानना स्पष्ट नहीं है। इसलिए सिर्फ किस के निशानों के आधार पर इस धारा के लागू होने का दावा करना उचित नहीं होगा।
धारा 190 के तहत भी कार्रवाई पर सवाल
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190 असुरक्षित स्थिति में वाहन चलाने और उससे जुड़े उल्लंघनों से संबंधित है। कार पर लिपस्टिक के निशान होने से वाहन असुरक्षित हो जाता है, ऐसा सीधे तौर पर साबित नहीं होता। इसलिए केवल इन निशानों को आधार बनाकर धारा 190 लागू होना भी स्पष्ट नहीं है।
तेज रफ्तार में कार चलाने पर हो सकती है कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के बयान के मुताबिक, वायरल वीडियो में कार को पटेल नगर-सिटी सेंटर इलाके में तेज रफ्तार से चलाते हुए देखा गया था। ऐसे में मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, जो खतरनाक तरीके से वाहन चलाने से संबंधित है, के तहत कार्रवाई की संभावना हो सकती है। खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर कानून में जुर्माने और अन्य दंड का प्रावधान है। हालांकि, आदित्य के 5,500 रुपये के चालान में कौन-कौन से उल्लंघन शामिल किए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी स्पष्ट रूप से सामने आना जरूरी है।
कार पर किस के निशान बनाना अपने आप में कोई स्पष्ट और अलग ट्रैफिक अपराध नहीं है। इस मामले में कार्रवाई का आधार संभवतः तेज रफ्तार या अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इसलिए केवल ‘किसिंग कार’ होने के कारण 5,500 रुपये का चालान काटा गया, ऐसा कहना सही नहीं होगा। चालान की वास्तविक वजह चालान में दर्ज धाराओं से ही स्पष्ट होगी।