Chinese Manjha: गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के दिन चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार रवि राज की मौत हो गई. हादसा एनएच-9 पर मीडिया हाउस के पास हुआ. हवा में लटकी धारदार डोर अचानक रवि राज की गर्दन में फंस गई, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी और काफी खून बह गया.



जानकारी के मुताबिक, रवि राज नोएडा के अकबरपुर बहरामपुर के रहने वाले थे. घटना के समय वह अपने साथी नरेश के साथ बाइक से एनएच-9 से गुजर रहे थे. इसी दौरान सड़क के ऊपर हवा में लटक रहा मांझा अचानक उनकी गर्दन में उलझ गया. तेज धार वाली डोर से गर्दन पर गंभीर चोट लगने के बाद रवि राज बाइक से गिरकर सड़क पर जा गिरे.



हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल रवि राज को तत्काल उपचार के लिए वैशाली स्थित अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.



घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. वीडियो में रवि राज सड़क पर लहूलुहान हालत में दिखाई दे रहे हैं. उनकी गर्दन पर गंभीर चोट लगी थी. साथ मौजूद नरेश कपड़े की मदद से जख्म पर दबाव बनाकर खून रोकने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. रवि राज की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया. हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.



इस घटना के बाद प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. अपनी तेज धार के कारण यह मांझा दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा माना जाता है. इसके अलावा पक्षियों के लिए भी यह डोर खतरनाक साबित होती है.



स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज मांझे की उपलब्धता बनी हुई है. लोगों ने पुलिस और प्रशासन से ऐसे मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि केवल इसका इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. प्रतिबंधित मांझे की बिक्री, सप्लाई और भंडारण से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है.



स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाजारों में अभियान चलाकर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री की जांच करने और इसकी सप्लाई के स्रोत का पता लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित मांझा बाजार में उपलब्ध नहीं होगा तो ऐसे हादसों का खतरा भी कम किया जा सकेगा. गाजियाबाद में हुई इस घटना ने एक बार फिर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रभावी रोक और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.