DESK:महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से एक बेहद भावुक और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां बेटी की शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब विदाई के दौरान पिता को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।


घटना बुलढाणा जिले के वर्दादी गांव की है। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कुरुमदास कुंडलीक भूटेकर के रूप में हुई है। उनकी बेटी नंदिनी की शादी जालना जिले के मंथा निवासी प्रदीप नानोटे से तय हुई थी। गुरुवार शाम गांव में धूमधाम से विवाह समारोह आयोजित किया गया था। घर में खुशी का माहौल था और शादी की रस्में पूरी की जा रही थीं।


विदाई के वक्त बिगड़ी तबीयत

शादी की मुख्य रस्में पूरी होने के बाद बेटी की विदाई की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान कुरुमदास अपनी बेटी का हाथ दूल्हे के परिवार को सौंप रहे थे। तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे मंडप में ही गिर पड़े।


शुरुआत में लोगों को लगा कि वे थकान या भावुकता की वजह से बेहोश हो गए हैं। परिवार और रिश्तेदार तुरंत उन्हें संभालने में जुट गए। आनन-फानन में उन्हें पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।


दिसंबर में हुई थी बाईपास सर्जरी

परिजनों के अनुसार, कुरुमदास पिछले कुछ समय से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। दिसंबर महीने में उनकी बाईपास सर्जरी भी हुई थी। डॉक्टरों ने उन्हें तनाव और अधिक थकान से बचने की सलाह दी थी। परिवार वालों ने बताया कि बेटी की शादी उनका सबसे बड़ा सपना था और वे इस दिन को लेकर बेहद भावुक थे।


गांव में पसरा मातम

घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर से बेटी की विदाई होनी थी, वहीं अब पिता की अंतिम यात्रा की तैयारी शुरू हो गई। शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। लोगों के बीच यह चर्चा होने लगी कि पिता अपनी बेटी की विदाई के समय इतना भावुक हो गये कि उनका दिल यह सदमा सहन नहीं कर पाया और मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।