उज्जैन/इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में हाथी के हमले में एक युवक की मौत हो गयी थी। इस मामले में नया मोड़ सामने आ गया है। वन विभाग ने हाथी ‘विजयलक्ष्मी’ को सशर्त जमानत पर छोड़ दिया है। लेकिन हाथी के महावत उमेश गोस्वामी और मालिक संदीप निर्मोही अभी जेल में ही है। वही हाथी को उज्जैन के निर्मोही अखाड़े में रखा गया है। अब हाथी को बिना अनुमति किसी अन्य स्थान पर नहीं ले जाया जा सकेगा और उसकी निगरानी वन विभाग के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।


गुड़ खिलाते समय हुआ था हमला

यह घटना 26 जुलाई को इंदौर के राजनगर इलाके में हुई थी। बताया गया कि विजय होलकर नामक युवक हाथी विजयलक्ष्मी को गुड़ खिला रहा था। इसी दौरान हाथी अचानक बेकाबू हो गया और उसने युवक को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद उसे पैरों से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल विजय होलकर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महावत उमेश गोस्वामी और मालिक संदीप निर्मोही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


निर्मोही अखाड़े में निगरानी में रखा गया हाथी

हाथी विजयलक्ष्मी को फिलहाल उज्जैन के निर्मोही अखाड़े में रखा गया है। उसकी देखभाल महावत अमित गोस्वामी और महेंद्र महाराज कर रहे हैं। उनके अनुसार, हाथी की स्थिति सामान्य है और वह नियमित रूप से घास और फल खा रहा है। हालांकि, घटना के बाद सुरक्षा कारणों से हाथी के पैरों में बेड़ियां डाली गई हैं, ताकि उसके अचानक आक्रामक होने की स्थिति में खतरे को कम किया जा सके। वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और उसके कुछ चिकित्सकीय परीक्षण भी कराए गए हैं।


कोर्ट की शर्तों के साथ मिली राहत

जानकारी के अनुसार, इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय, इंदौर में चालान पेश किया गया था। अदालत ने अंतिम निर्णय आने तक हाथी को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने पर रोक लगाने और निर्धारित शर्तों के तहत रखने के निर्देश दिए हैं।अब हाथी को बिना अनुमति किसी अन्य स्थान पर नहीं ले जाया जा सकेगा और उसकी निगरानी वन विभाग के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।


वन विभाग कर रहा मामले की जांच

वन विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि हाथी को इंदौर लाने के लिए आवश्यक ट्रांजिट परमिशन ली गई थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि महावत के पास हाथी से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। इसके अलावा, जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि घटना वाले दिन हाथी अचानक आक्रामक क्यों हुआ। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।