E20 Petrol Controversy: देश में E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर बहस तेज होती जा रही है। माइलेज में कमी और इंजन पर असर जैसी शिकायतों के बीच अब अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी दीपक शर्मा और बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने भी E20 पेट्रोल को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


पहाड़ी यात्रा के दौरान बंद हुई 1 करोड़ की डिफेंडर

राजस्थान के अलवर जिले के बानसूर निवासी अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर, फिटनेस आइकन और मोटिवेशनल स्पीकर दीपक शर्मा अपनी नई लैंड रोवर डिफेंडर 110 से परिवार के साथ उत्तराखंड स्थित आदि कैलाश यात्रा पर निकले थे। दीपक शर्मा ने बताया कि यात्रा के दौरान कई स्थानों पर प्रीमियम पेट्रोल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने सामान्य E20 पेट्रोल भरवाया। उनका दावा है कि इसके कुछ समय बाद वाहन में तकनीकी समस्या शुरू हो गई और आखिरकार डिफेंडर बीच रास्ते में बंद हो गई।


सर्विस सेंटर में चल रही तकनीकी जांच

वाहन को टो-ट्रक की मदद से दिल्ली स्थित अधिकृत सर्विस सेंटर ले जाया गया, जहां वारंटी के तहत उसकी तकनीकी जांच की जा रही है। अभी तक कंपनी की ओर से खराबी के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।दीपक शर्मा का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर निर्धारित सीमा से अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन बेचा जा रहा है, जिससे आधुनिक वाहनों के फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है। उन्होंने वाहन चालकों को जहां संभव हो, प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग करने की सलाह भी दी।


विशेषज्ञों की क्या है राय?

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में बिकने वाले E20-कम्प्लायंट वाहन 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सुरक्षित रूप से चलने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। सामान्य परिस्थितियों में केवल E20 पेट्रोल के कारण इस प्रकार की गंभीर खराबी की संभावना कम मानी जाती है।


विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी ईंधन में निर्धारित सीमा से अधिक इथेनॉल या अन्य अशुद्धियां हों, तो लंबे समय में फ्यूल सिस्टम प्रभावित हो सकता है। हालांकि, दीपक शर्मा की डिफेंडर में आई खराबी की असली वजह कंपनी की तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।


मनीष कश्यप ने भी लगाए गंभीर आरोप

इस बीच बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने भी E20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उनकी लगभग दो महीने पुरानी टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस, जो करीब 12 हजार किलोमीटर चल चुकी है, उसके इंजन में गंभीर खराबी आ गई।


मनीष कश्यप का आरोप है कि सर्विस सेंटर में फ्यूल टैंक की जांच के दौरान पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल और अन्य अशुद्धियां मिलीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वाहन की माइलेज 17-20 किलोमीटर प्रति लीटर से घटकर करीब 5 किलोमीटर प्रति लीटर हो गई।


उन्होंने इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि यदि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाया जा रहा है तो उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि वाहन निर्माता कंपनी ने इस समस्या को वारंटी में कवर करने से इनकार कर दिया।


E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ रही बहस

देशभर में कई वाहन मालिक E20 पेट्रोल के बाद माइलेज में कमी और इंजन प्रदर्शन प्रभावित होने जैसी शिकायतें कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि प्रत्येक मामले में अलग-अलग तकनीकी जांच के बाद ही की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वाहन में आई खराबी के लिए केवल E20 पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। वास्तविक कारण ईंधन की गुणवत्ता, वाहन की तकनीकी स्थिति और कंपनी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जा सकता है।