E20 Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ऑनलाइन आंदोलन के बाद अब सोशल मीडिया पर एक और नया डिजिटल अभियान चर्चा में है। इसका नाम E20 जनता पार्टी रखा गया है। छात्रों के समर्थन में चले करीब एक महीने लंबे CJP आंदोलन और 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद E20 जनता पार्टी नाम से नया सोशल मीडिया कैंपेन शुरू हुआ है।
यह अभियान एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20 फ्यूल) को लेकर चलाया जा रहा है। अभियान से जुड़े लोग मांग कर रहे हैं कि आम लोगों पर केवल E20 पेट्रोल का विकल्प न थोपा जाए और पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। E20 जनता पार्टी का प्रचार-प्रसार उसी अंदाज में किया जा रहा है, जिस तरह कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई थी। दोनों अभियानों में भाषा, ब्रांडिंग, मीम्स और विरोध के तरीके में समानता दिखाई दे रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, E20 जनता पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि, इस ऑनलाइन अभियान से जुड़े किसी संस्थापक या आधिकारिक नेता का नाम अभी तक सामने नहीं आया है।
फिलहाल E20 जनता पार्टी किसी पंजीकृत राजनीतिक दल की बजाय एक सोशल मीडिया अभियान के रूप में दिखाई दे रही है। यह भी दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चल रहा E20 जनता पार्टी का अकाउंट पहले किसी अन्य नाम से संचालित होता था, जिसे बाद में बदला गया।
E20 जनता पार्टी का कहना है कि लोगों को अपनी गाड़ियों के लिए ईंधन चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। अभियान से जुड़े लोगों की मुख्य मांग है कि पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल के साथ-साथ 100 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए और इसकी कीमत आम लोगों के लिए सस्ती रखी जाए।
समर्थकों का कहना है कि कई वाहन मालिकों को E20 पेट्रोल के कारण माइलेज कम होने, मेंटेनेंस खर्च बढ़ने और वाहन की परफॉर्मेंस प्रभावित होने जैसी शिकायतें हैं। हालांकि, यह अभियान E20 पेट्रोल को पूरी तरह खत्म करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि इसे सभी वाहनों के लिए अनिवार्य विकल्प बनाने का विरोध कर रहा है।
E20 जनता पार्टी अपने अभियान में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी कर रही है। अभियान चलाने वाले लोगों का आरोप है कि E20 ईंधन नीति को लेकर आम वाहन चालकों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उधर, E20 पेट्रोल के विरोध में दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने 4 अगस्त को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि कई वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों ने शिकायत की है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज घट रहा है, रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है और वाहन की क्षमता पर असर पड़ रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर 4 अगस्त को संसद तक विरोध मार्च निकाला जाएगा।