ब्रेकिंग न्यूज़

अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?

Home / india / देश में कानून बना 33 फीसदी महिला आरक्षण, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को...

देश में कानून बना 33 फीसदी महिला आरक्षण, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

29-Sep-2023 06:11 PM

By First Bihar

DELHI: देश में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून बन गया है। संसद की दोनों सदनों से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। लोकसभा में यह विधेयक 20 सितंबर को जबकि राज्यसभा से बीते 21 सितंबर को पारित हुआ था। दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था, जिसपर राष्ट्रपति ने अपनी मंजूरी दे दी।


दरअसल, केंद्र सरकार ने बीते 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया था। इस दौरान सरकार ने महिला आरक्षण बिल को 19 सितंबर को लोकसभा में पेश किया। सदन में दो दिन इस बिल पर चर्चा हुई। कुछ दलों को छोड़कर सभी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया। लोकसभा में इस बिल के समर्थन में कुल 454 मत पड़े और जबकि दो वोट विरोध में पड़े थे। इसके बाद लोकसभा से यह बिल पारित हो गया था।


इसके बाद सरकार ने इस बिल को 21 सितंबर को राज्यसभा में पेश किया। राज्यसभा में बिल के पक्ष में 214 वोट पड़े। राज्यसभा से भी महिला आरक्षण बिल पारित हो गया। इसके बाद बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेज दिया गया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद महिला आरक्षण बिल कानून बन गया है। बता दें कि इस कानून के लागू होने पर लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।