Bullet Train News: देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से गुवाहाटी तक प्रस्तावित नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य देश के उत्तरी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों की राजधानी दिल्ली से कनेक्टिविटी बेहतर बनाना है। इससे व्यापार, उद्योग और आम यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर छोटे कारोबारियों और विभिन्न शहरों के बीच नियमित यात्रा करने वाले लोगों के लिए सफर आसान हो सकता है।
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तैयार होने के बाद दिल्ली से कई प्रमुख शहरों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है। रेल मंत्री की ओर से बताए गए अनुमानित यात्रा समय के मुताबिक:
दिल्ली से आगरा: 59 मिनट
दिल्ली से कानपुर: 1 घंटा 45 मिनट
दिल्ली से लखनऊ: 2 घंटे 12 मिनट
दिल्ली से वाराणसी: 3 घंटे 33 मिनट
नई दिल्ली से पटना: 4 घंटे 33 मिनट
इस परियोजना से पटना, वाराणसी, लखनऊ और गुवाहाटी जैसे शहरों की दिल्ली से कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन को लेकर अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि इसका इस्तेमाल केवल अमीर लोग ही कर सकेंगे। हालांकि, उनके मुताबिक इसका किराया किफायती रखने की योजना है और यह हवाई यात्रा के टिकट की तुलना में कम हो सकता है। उनका कहना है कि बुलेट ट्रेन यात्रियों को कम समय में उनके गंतव्य तक पहुंचाने के साथ यात्रा को सुविधाजनक बनाने में भी मदद करेगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत देश में सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु और वाराणसी-सिलीगुड़ी (पटना के रास्ते) शामिल हैं। इन प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए देश के प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी काम तेजी से चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस कॉरिडोर को अगस्त 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस रूट पर ट्रेनें अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन की गई हैं।
दिल्ली से गुवाहाटी तक प्रस्तावित नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण की समयसीमा फिलहाल स्पष्ट नहीं है। मंजूरी के बाद इसके रूट की मैपिंग, स्टेशनों और अन्य स्थानों की पहचान जैसे काम किए जाएंगे। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी।
इतने बड़े कॉरिडोर को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर विकसित किए जाने की संभावना है। हालांकि, परियोजना के पूरा होने की आधिकारिक तारीख और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी।