बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार Bihar Board Matric Result 2026: आंगनबाड़ी सेविका और किसान का बेटा बना स्टेट टॉपर, मैट्रिक परीक्षा में 8वां रैंक किया हासिल पनोरमा स्टार 2026 : बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय ने बांधा समा, कलाकारों के साथ झूमा छातापुर पनोरमा स्टार 2026 : बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय ने बांधा समा, कलाकारों के साथ झूमा छातापुर अरवल की बेटियों ने रचा इतिहास, सुप्रिया आठवें और नंदनी दसवें रैंक लाकर बनीं मैट्रिक टॉपर बिहार से आई हैरान करने वाली तस्वीर: गैस के लिए रातभर सड़कों पर सोने को मजबूर लोग, फिर भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडर बिहार से आई हैरान करने वाली तस्वीर: गैस के लिए रातभर सड़कों पर सोने को मजबूर लोग, फिर भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडर बिहार में मेले के मंच पर भारी हंगामा, पूर्व मंत्री के सामने आर्केस्ट्रा डांसर्स के बीच जमकर मारपीट; वीडियो हुआ वायरल Bihar Board Matric Result 2026: सुपौल के 2 छात्रों ने किया कमाल, एक के पिता पंक्चर बनाते हैं तो दूसरे के मम्मी-पापा दोनों टीचर
01-May-2021 02:50 PM
DESK: प्रख्यात सितार वादक पंडित देवव्रत चौधरी उर्फ देबू चौधरी का कोरोना से निधन हो गया। दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे प्रतीक चौधरी ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी दी। 85 वर्षीय देबू चौधरी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उन्हें बुधवार की रात को दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। दिल्ली में लॉकडाउन की वजह से पुलिस द्वारा उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया था।
देबू चौधरी के बेटे प्रतीक चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की सूचना दी। प्रतीक चौधरी ने बताया कि शुक्रवार देर रात उन्हें हार्ट अटैक आया था। जिसके बाद शनिवार को उनका निधन हो गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है।
देबू चौधरी के बेटे प्रतीक चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि... ‘मेरे पिता, सितार के दिग्गज, पंडित देबू चौधरी…नहीं रहे. उन्हें कोविड के साथ ही मनोभ्रंश की जटिलताओं के साथ भर्ती कराया गया और उन्हें आज (एक मई, 2021) मध्यरात्रि के आस-पास आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था..जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्हें बचाया नहीं जा सका….सभी प्रयासों और प्रार्थनाओं के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.’
कला के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा 1992 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। उन्होंने सेनिआ संगीत घराना के पंचू गोपाल दत्ता और संगीत आचार्य उस्ताद मुश्ताक अली खान से संगीत की शिक्षा ली की थी। भारत के प्रख्यात सितारवादकों में से एक, चौधरी संगीत के सेनिया घराना से थे। उन्हें पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। सितारवादक के परिवार में उनके बेटे प्रतीक, बहू रूना और पोती रयाना तथा पोता अधिराज हैं।