DESK: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी से शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान अब सोशल मीडिया पर बड़ा राजनीतिक ट्रेंड बनता जा रहा है। पहले पार्टी का एक्स अकाउंट बंद किया गया और अब इसकी वेबसाइट भी ठप कर दी गई है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इसे केंद्र सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पार्टी की वेबसाइट को बंद कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि वेबसाइट के जरिए अब तक 10 लाख से अधिक लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली थी, जबकि करीब 6 लाख लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली ONLINE याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर सरकार “कॉकरोचेस” से इतना डर क्यों रही है। दिपके ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल युवाओं के बेहतर भविष्य की मांग उठाना है और सरकार उन्हें इतनी आसानी से नहीं रोक सकती। उन्होंने लिखा, “कॉकरोच कभी नहीं मरते, हम नए घर की तलाश में हैं।”
इससे पहले भी अभिजीत दिपके ने दावा किया था कि उनके निजी और पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक करने की कोशिश की गई। उनके अनुसार, पहले पार्टी का इंस्टाग्राम पेज प्रभावित हुआ, फिर उनका निजी अकाउंट और बाद में पार्टी के एक्स अकाउंट को भारत में बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं, बैकअप अकाउंट पर भी कार्रवाई की गई।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस अभियान ने बड़ी राजनीतिक पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया है। इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फॉलोअर्स की संख्या 22 मिलियन तक पहुंच चुकी है। पार्टी लगातार युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
इस अभियान का मुख्य निशाना केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं। अभिजीत दिपके ने लोगों से भाजपा को अनफॉलो करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का समर्थन करने की अपील की है। वहीं, विपक्षी दलों के कई नेता इस अभियान को समर्थन दे रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष के नेता इसे संदेह की नजर से देख रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने भी इस सोशल मीडिया अभियान को फॉलो किया है।