DELHI:नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी लगातार केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रही है। इसी मांग को लेकर आज पहली बार कॉकरोच जनता पार्टी सड़क पर उतरी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का हुजूम भारी संख्या में उमड़ा। करीब 5 घंटे तक स्टूडेंट और युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके आज ही सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे थे। भारत आने पर उनका छात्रों ने जोरदार स्वागत किया। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में छात्रों ने प्रदर्शन किया और धर्मेंद्र प्रधान से नीट पेपर लीक समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर इस्तीफे की मांग की। अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि यदि धर्मेंद्र प्रधान अगले 5 दिनों के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तब अगले शनिवार 13 जून को एक बार फिर दिल्ली के जंतर मंतर पर युवाओं और छात्राओं की हुजूम उमड़ेगा और उनके इस्तीफे की मांग करेगी।
आज शनिवार 7 जून को अमेरिका से भारत लौटते ही अभिजीत ने हजारों प्रदर्शनकारी के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जिसमें ज्यादातर स्टूडेंट और युवा थे। कुछ बुजुर्ग और माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। जब अभिजीत पौन 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तब उससे पहले ही छात्रों का हुजूम सीधे एयरपोर्ट पर पहुंच गई थी। सभी ने अभिजीत का जोरदार स्वागत किया। जिसके बाद अभिजीत के साथ सभी जंतर-मंतर पर पहुंचे जहां शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। मंच पर पहुंचकर अभिजीत भी शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस मौके पर सोनम वांगचुक भी मौजूद थे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने सुबह 10 बजे प्रदर्शन शुरू किया था। यह प्रदर्शन करीब 5 घंटे चला। दोपहर 3 बजे अभिजीत और सोनम वांगचुक रवाना हो गए। इसी के साथ धीरे-धीरे प्रदर्शन वाली जगह भी खाली होने लगी। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया। इसके पीछे कारण यह था कि पुलिस को ऐसी सूचना मिली थी कि प्रदर्शन के समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव हो सकता है। इसी के चलते कुछ लोगों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया है।
उधर पुणे में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के घर महाराष्ट्र पुलिस तैनात कर दी गई। सुबह से ही घर के बाहर बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस की गाड़ियां भी घर के बाहर मौजूद थीं। दीपके के माता-पिता ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। अभिजीत की मां को इस बात का डर था कि सरकार उनके बेटे को जेल में डाल देगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। जंतर मंतर के पास प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अभिजीत सोनम वांगचुक के साथ रवाना हो गये। लेकिन इससे पहले यह घोषणा करके गये कि यदि पांच दिनों के अंदर धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो अगले शनिवार को वो फिर जंतर-मंतर पर पहुंचेंगे और उनके साथ इस बार आज से भी ज्यादा भीड़ उमड़ेगी।